झारखंड भाजपा ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) देश के अल्पसंख्यकों के उन अधिकारों की रक्षा करेगी जो बांग्लादेशी घुसपैठियों ने उनसे ‘‘छीन लिए’’ हैं

रांची: झारखंड भाजपा ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) देश के अल्पसंख्यकों के उन अधिकारों की रक्षा करेगी जो बांग्लादेशी घुसपैठियों ने उनसे ‘‘छीन लिए’’ हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘...देश में रह रहे अल्पसंख्यकों को उनके कानूनी अधिकार मिलेंगे और एनआरसी उनके उन अधिकारों की रक्षा करेगा, जो बांग्लादेश से आए घुसपैठिए ने उनसे छीन लिए हैं।’’

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उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि वे संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर ‘‘अल्पसंख्यकों के मन में भय पैदा नहीं करें’’ बल्कि उन्हें बताएं कि सीएए में ‘‘उनके खिलाफ कुछ भी नहीं है’’।

शाहदेव ने कहा, ‘‘... सीएए के अनुसार एक दिसंबर, 2014 को या उससे पहले अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई और सिख समुदायों के लोगों को अवैध घुसपैठिये (प्रवासी) नहीं समझा जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि सीएए की धारा 6बी (4) के अनुसार यह कानून असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों के अलावा संविधान की छठी अनुसूची के तहत आने वाले इलाकों में लागू नहीं होगा।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)