झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ छात्र आंदोलन में AISA शामिल हो गया है। AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने रांची में छात्रों को समर्थन दिया। संगठन ने विवादित परीक्षाओं को रद्द कर पारदर्शी तरीके से दोबारा कराने की मांग की है।

रांचीः झारखंड में नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों के आंदोलन ने ज़ोर पकड़ लिया है, क्योंकि अब इसमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) भी शामिल हो गया है। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा खुद रांची पहुंचीं और JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आंदोलन का हिस्सा बनीं। यह विरोध प्रदर्शन रांची में चल रहा है, जहां छात्र भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगा रहे हैं। नेहा बोरा ने प्रदर्शन स्थल पर छात्रों से मुलाकात की और उन्हें संगठन की तरफ से पूरे समर्थन का भरोसा दिलाया। उन्होंने साफ किया कि AISA छात्रों की मांगों के साथ मजबूती से खड़ा है। इस समर्थन से महीनों से चल रहे इस स्थानीय विरोध को एक राष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद है।

सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप

छात्रों के बीच पहुंचकर नेहा बोरा ने सीधे तौर पर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने झारखंड सरकार पर छात्रों की मांगों के प्रति असंवेदनशील होने का गंभीर आरोप लगाया। उनके मुताबिक, सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है, जो कि चिंता का विषय है। AISA की तरफ से इस मामले में एक ही मांग रखी गई है - इन विवादित परीक्षाओं को तुरंत रद्द किया जाए। संगठन का कहना है कि इन परीक्षाओं को रद्द करके पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा आयोजित कराया जाना चाहिए। ज़ाहिर है, एक राष्ट्रीय छात्र संगठन के इस रुख से सरकार पर दबाव बढ़ना तय है। 

यह पूरा मामला झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं से जुड़ा है। नौकरी के उम्मीदवार लंबे समय से इन भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। अब इस प्रदर्शन में AISA के शामिल होने से इसे नई ताकत मिली है।