PM Modi Cabinet decisions: मोदी कैबिनेट ने SME Growth Fund के लिए ₹10,000 करोड़ और ITLA को मंजूरी दी। PM मोदी के सरकार में 25 साल पूरे होने पर भी प्रस्ताव पास हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार 6 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इसमें छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने, ट्रांसपोर्ट-लॉजिस्टिक्स की बेहतर प्लानिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 25 साल पूरे करने से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। जानते हैं कैबिनेट के 10 बड़े फैसले क्या हैं।
1. SME Growth Fund के लिए ₹10,000 करोड़ मंजूर
कैबिनेट ने SME Growth Fund के लिए ₹10,000 करोड़ की मंजूरी दी। इसका उद्देश्य ग्रोथ के दौर से गुजर रहे छोटे और मध्यम उद्योगों को इक्विटी कैपिटल उपलब्ध कराना है। यह फंड Alternative Investment Fund (AIF) के तौर पर बनाया जाएगा।
2. SME को लॉन्ग-टर्म रिस्क कैपिटल मिलेगा
इस फंड का मकसद शुरुआती कारोबार के बाद SME के सामने आने वाली लॉन्ग-टर्म रिस्क कैपिटल की कमी को दूर करना है। फंड का बड़ा हिस्सा छोटे और मध्यम मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों को दिया जाएगा। Tier-II और Tier-III शहरों के औद्योगिक क्लस्टर में काम करने वाले SMEs पर भी ध्यान दिया जाएगा।
3. ग्लोबल मार्केट और टेक्नोलॉजी में SME को मदद
SME Growth Fund उन कंपनियों को सपोर्ट करेगा जो कारोबार का विस्तार, उत्पादन क्षमता बढ़ाना और नई टेक्नोलॉजी अपनाना चाहती हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल मार्केट में प्रवेश, ग्लोबल वैल्यू चेन से जुड़ने, रणनीतिक निवेश और दूसरे कारोबारों के अधिग्रहण में भी मदद मिलेगी। यह पहल Union Budget 2026-27 में MSME को इक्विटी, लिक्विडिटी और प्रोफेशनल सपोर्ट देने के उपायों का हिस्सा है।
4. Integrated Transport and Logistics Authority यानी ITLA को मंजूरी
कैबिनेट ने Integrated Transport and Logistics Authority (ITLA) बनाने को मंजूरी दी। इसे Special Purpose Vehicle (SPV) के रूप में बनाया जाएगा। यह ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की इंटीग्रेटेड प्लानिंग, रिसर्च, प्रोजेक्ट मूल्यांकन, मॉनिटरिंग और असर के आकलन के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख संस्था होगी।
5. 10 साल या उससे ज्यादा का नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान
ITLA 10 साल या उससे ज्यादा अवधि का National Transport Master Plan तैयार करेगी। इसमें सड़क, रेलवे, पोर्ट और शिपिंग, सिविल एविएशन, इनलैंड वाटरवे, कोस्टल शिपिंग, शहरी मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स को एक साथ शामिल किया जाएगा। अलग-अलग सेक्टर के सालाना ट्रांसपोर्ट प्लान का भी मूल्यांकन होगा, ताकि वे लंबे समय के मास्टर प्लान के अनुरूप रहें और मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिले।
6. ₹500 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट की तकनीकी जांच
ITLA केंद्र सरकार के ₹500 करोड़ या उससे ज्यादा लागत वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का तकनीकी मूल्यांकन करेगी। हालांकि वित्तीय मूल्यांकन मौजूदा व्यवस्था के तहत ही होगा। ITLA इन प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग और लागू होने के बाद उनके असर का आकलन भी करेगी।
7. National Transport Data Repository बनेगा
ITLA National Transport Data Repository तैयार करेगी। इसमें GSTN ई-वे बिल, FASTag, VAHAN, GPS आधारित सिस्टम और शहरी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसे डेटा को जोड़ा जाएगा। इससे माल की आवाजाही और Origin-Destination Analysis को समझने और भविष्य की ट्रांसपोर्ट-लॉजिस्टिक्स प्लानिंग को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
8. PM मोदी के 25 साल के नेतृत्व पर कैबिनेट का प्रस्ताव
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 25 साल तक नेतृत्व करने के लिए बधाई देते हुए प्रस्ताव पास किया। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल और बाद में राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व का उल्लेख किया गया। गुजरात की SWAGAT और ज्योतिग्राम जैसी पहलों को राष्ट्रीय कार्यक्रम PRAGATI से भी जोड़ा गया।
9. जन धन, GST, UPI और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धियों का उल्लेख
प्रस्ताव में जन धन खाते, आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं, GST और औपनिवेशिक दौर के आपराधिक कानूनों में बदलाव का उल्लेख किया गया। साथ ही सरकारी पूंजीगत खर्च, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उत्पादन में बढ़ोतरी, UPI, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अंतरिक्ष कार्यक्रम और देश में वैक्सीन निर्माण को भी रेखांकित किया गया।
10. राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक भूमिका का जिक्र
कैबिनेट के प्रस्ताव में 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर, अनुच्छेद 370 हटाने, वन रैंक वन पेंशन (OROP) और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का पद बनाने का उल्लेख किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G20, BRICS, Global South और वैक्सीन मैत्री में भारत की भूमिका तथा प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय पहचान को भी रेखांकित किया गया। प्रस्ताव के अंत में विकास को भारत की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता से जोड़ा गया।

