पूजा सिंघल को जमानत के लिए अब और इंतजार करना होगा। मंगलवार को कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय ने 200 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया है। पूजा सिंघल को मनरेगा घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 11 मई को गिरफ्तार किया गया था।

रांची. मनरेगा घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार और बिरसा मुंडा केंद्रीय कारावास में सजा काट रही निलंबित आईएएस पूजा सिंघल को जमानत के लिए अभी और इंतजार करना होगा। कोर्ट ने अभी उन्हें राहत नहीं दी है। निलंबित आईएएस पूजा सिंघल को मंगलवार को भी जमानत नहीं मिली। बता दें कि 27 जून को पूजा सिंघल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से ईडी के स्पेशल कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है। उनके जमानत अर्जी पर प्रवर्तन निदेशालय की विशेष अदालत में सुनवाई तय थी। अदालत में ईडी की ओर से जवाब दाखिल किया गया। इसके बाद ईडी कोर्ट की ओर से 19 जुलाई को सुनवाई की अगली तिथि तय की गयी।

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अब जमानत के लिए पूजा सिंघल को जमानत के लिए अब और इंतजार करना होगा। उनके वकील ने बहस के लिए कोर्ट से समय मांगा था। ईडी की तरफ से पूजा सिंघल समेत सात के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। पांच हजार से अधिक पन्नों की दाखिल चार्जशीट में पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा, सीए सुमन सिंह, खूंटी जिला परिषद के तत्कालीन कनीय अभियंता राम विनोद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियंता राजेंद्र जैन, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता जय किशोर चौधरी, खूंटी विशेष प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता शशि प्रकाश शामिल हैं। 

खूंटी की डीसी रहते उनके कार्यकाल में हुआ मनरेगा घोटाला
मंगलवार को कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय ने 200 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोपपत्र में बताया गया है कि चतरा, खूंटी और पलामू डीसी रहते हुए पूजा के खाते में सैलरी से 1.43 करोड़ अधिक थे। ईडी ने इन तीनों जिलों में उनके डीसी के कार्यकाल के दौरान के अलग-अलग बैंक खातों व दूसरे निवेश की जानकारी जुटाई। खूंटी में मनरेगा का घोटाला फरवरी 2009 से जुलाई 2010 के बीच हुआ है। उस समय पूजा सिंघल वहां की डीसी थीं। 

क्या है मामला
पूजा सिंघल को मनरेगा घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 11 मई को गिरफ्तार किया गया था। पूजा सिंघल के सरकारी आवास पर भी ईडी ने छापेमारी की थी। कई ठिकानों से दस्तावेज जब्त किए गए। उसी दिन पूजा सिंघल के सीए सुमन कुमार के घर और दफ्तर पर भी छापा पड़ा, जहां से ईडी ने 17 करोड़ से अधिक कैश मिले थे।

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