कोलकाता में केश के साथ पकड़ाए तीनो कांग्रेस विधायकों की दलबदल मामले में सुनवाई हुई। जिसमें उन्होंने सफाई देते हुए फिजिकल हियरिंग की अपील की है। इन तीनों को पार्टी ने निष्काषित करते हुए उन पर आरोप लगाया था।

रांची (झारखंड). कैश कांड में फंसे तीनों कांग्रेस विधायकों इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी के मामले में विधानसभा न्यायाधिकरण में सुनवाई हुई। विधायकों ने फिजिकल सुनवाई की मांग की है। कांग्रेस विधायक दल के नेता ने इसकी लिखित शिकायत की थी। झारखंड विधानसभा न्यायाधिकरण में सुनवाई के दौरान विधायकों की तरफ से जवाब दाखिल किया गया। विधायकों ने मामले में वर्चुअल के बजाय फिजिकल सुनवाई की मांग की है। वहीं तीनों विधायकों ने जवाब देते हुए कहा कि हमारे ओर से कोई दलबदल नहीं हुआ है। तीनों विधायक के अधिवक्ता रवि कुमार ने श्ह जानकारी दी है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

मंत्री के वकील ने दो सप्ताह का मांगा समय
इससे पहले सुनवाई के दौरान प्रार्थी आलमगीर आलम के वकील की ओर से तीनों आरोपी विधायक की ओर से दाखिल जवाब का रिज्वांइडर फाइल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा गया। आरोपी विधायकों की ओर से रुल्स की कॉपी मुहैया कराने की मांग की गई। बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान प्रतिवादी तीनों कांग्रेसी विधायकों की ओर से उनके अधिवक्ता ने कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा कोलकाता से बाहर नहीं जाने के आदेश का हवाला देकर दल बदल मामले में जवाब देने के लिए 8 सप्ताह के समय की मांग की थी. तीनों विधायकों की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि वह मामले में जल्द से जल्द जवाब देना चाहते हैं परंतु ऐसी बाध्यता है कि वह झारखंड नहीं लौट सकते। ऐसे में उन्हें 8 सप्ताह का समय दिया जाए। 

वादी पक्ष के वकील ने किया विरोध
प्रतिवादी की इस मांग का वादी पक्ष के अधिवक्ता ने यह कहते हुए विरोध किया कि जब ऑनलाइन तीनों विधायक उपस्थित हो सकते हैं तो जवाब देने में कहां कोई दिक्कत है। दोनों पक्ष को सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने यह कहते हुए सुनवाई स्थगित कर दी थी कि 08 सप्ताह के आग्रह पर विचार कर न्यायाधिकरण अपने मंतव्य से अवगत करा देंगे। गौरतलब है कि इससे पहले की सुनवाई में स्पीकर ने विधायकों के वकील से पूछा था कि न्यायाधिकरण के समक्ष वे क्यों नहीं उपस्थित हुए। जिसके बाद सुनवाई के लिए अगली तारीख दी गई थी। पिछले दिनों आलमगीर आलम की लिखित शिकायत पर विधानसभा न्यायाधिकरण द्वारा विधायकों को नोटिस भेजा गया था। कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने तीनों विधायकों पर दलबदल का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला
बता दें कि पिछले दिनों तीनों विधायक हावड़ा में पकड़े गए थे और उनके पास से 49 लाख रुपए कैश मिले थे। पूरे मामले की जांच कोलकाता सीआईडी कर रही है। पिछले दिनों जमानत पर जेल से बाहर निकलने के बाद इरफान अंसारी और राजेश कच्छप ने खुद को कांग्रेस का वफादार सिपाही बताते हुए साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया था। कांग्रेस के इस कदम से साफ हो गया है कि मौजूदा राजनीतिक हालात में तमाम विधायकों को यह बताने की कोशिश की जा रही है कि पार्टी के फैसले से इतर जाने पर बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

यह भी पढ़े- 12 राज्यों में टेरर लिंक पर हो रही कार्रवाई पर बयानबाजी शुरू, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कसा तंज