अवैध खनन कर करोड़ों का घोटला करने के मामले में सस्पेंड चल रही पूजा सिंघल की बेटी ने भी शुक्रवार को जारी हुए सीबीएसई के रिजल्ट में 12 वीं में 97.6 प्रतिशत हासिल किए है। वह भी सिविल सर्विसेस की एग्जाम पास कर देश की सेवा करना चाहती है।

रांची (झारखंड). सीबीएसई 12वीं में निलंबित आईएएस पूजा सिंघल की बेटी आयुषी पुरवार को करीब 98 प्रतिशत अंक मिले हैं। आयुषी को समाजशास्त्र में 100 प्रतिशत अंक मिले। इसके अलावा अन्य विषयों में 96 फीसदी अंक मिले। आयुषी ने कहा कि जब वह परीक्षा देने जा रही थी तो उसके घर में ईडी की रेड चल रही थी। इसके बावजूद उसने परीक्षा दिया और सफलता पाई। उसने कहा कि मैं अपनी मां की तरह ही आईएएस अफसर बनना चाहती हूं। फिलहाल उन्होंने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के कॉलेजों में पॉलिटिकल साइंस और साइकोलॉजी से ऑनर्स के लिए अप्लाई किया है और अपना पूरा फोकस इसी पर रखना चाहती हैं। पूजा सिंघल भी अपनी पढ़ाई हमेशा अव्वल रहीं हैं। बता दें कि पूजा सिंघल मनरेगा घोटाले में जेल में बंद हैं, और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

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रिजल्ट के बाद मां को मिस कर रही आयुषी
रिजल्ट आने के बाद आयुषी ने कहा- सबसे ज्यादा मां को मिस कर रही हैं। वो उनका सपोर्ट सिस्टम हैं। हर कामयाबी में वो उनके साथ रहती थीं। आज भी वो अपना रिजल्ट सबसे पहले बताना चाहती थीं लेकिन ऐसा संभव नहीं था। पिता अभिषेक झा ने कहा कि बेटी हमारे लिए प्रेरणास्रोत है।

मुश्किल हालातों में दी परीक्षा
एक बेटी और स्टूडेंट्स दोनों के रूप में यह सबसे मुश्किल परीक्षा की घड़ी थी। एक तरफ उसके माता-पिता पर भ्रष्टाचार और गबन के आरोप लग रहे थे। देश भर में उनके भ्रष्टाचार की कहानियां बताई जा रही थी। ED रोज उनसे पूछताछ कर रही थी। दूसरी तरफ उसका करियर था। आयुषी ने परीक्षा नहीं छोड़ा ED की जांच से निकल कर समय पर वो सभी परीक्षाओं में शामिल हुई।

मां के जेल जाने के बाद भी पढ़ाई में लगी रही
आयुषी कहती हैं कि पहले दिन तो किसी ने कुछ नहीं पूछा। दूसरी परीक्षा तक सभी को पता चल गया था। इसके बाद लोग सवाल पूछ-पूछ कर परेशान करने लगे थे। परिस्थितियां मुश्किल होने लगी थी। इस बीच 24 मई को पूजा सिंघल को अरेस्ट भी कर लिया गया। लेकिन इन सब को नजरअंदाज कर अपनी परीक्षा में जुटी रही। इस बीच उन्हें पहले की तैयारियों का लाभ मिला। परीक्षा के दौरान ED के अफसरों का भी खूब सहयोग मिला। उन्होंने न कभी मेरी पढ़ाई को डिस्टर्ब की और न ही कभी परीक्षा देने से रोका। उन्होंने बताया कि तैयारी के लिए एक अलग कमरा दिया गया था। वहां कभी कोई नहीं आए। कभी कुछ पूछताछ नहीं की गई।

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