झारखंड के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर मरीज को स्ट्रेचर की जगह चादर से ले जाने की तस्वीरें वायरल हो रही है। जिसने कुछ समय पहले बेहतर सुविधा के लिए मिले अवार्ड की सच्चाई बाहर ला दी है। इन पिक्चरों ने वहां की फैसिलिटी की सारी पोल खोलकर रख दी है।

रांची (झारखंड). झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की वायरल एक तस्वीर ने एयरपोर्ट पर दी जाने वाली सारी सुविधाओं की पोल खोल दी है। बता दें कि रांची के बिरसा मुंडा एयपरपोर्ट को यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए अवार्ड मिल चुका है। मगर वायरल तस्वीर ने एयरपोर्ट की पोल खोल कर रख दी है। दिल्ली से रांची विमान से पहुंची एक महिला मरीज को एंबुलेंस तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक नहीं उपलब्ध कराया गया। महिला मरीज को चादर में लपेट कर अस्पताल पहुंचा गया। बताया जा रहा है कि राज्यपाल रमेश बैस भी इंडिगो की इसी फ्लाइट से रांची एयरपोर्ट पर उतरे थे, उसके पांच मिनट बाद ही ये महिला भी उसी फ्लाइट से उतरी।

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स्ट्रेचर नहीं मिलने पर परिजनों ने चादर का सहारा लिया

जानकारी के अनुसार, महिला मरीज की स्थिति अच्छी नहीं थी। वह चल नहीं सकती थी। उसे अस्पताल में भर्ती करवाना था। ऐसे में जब परिजनों को स्ट्रेचर की सुविधा नहीं मिली तो परिजनों ने चादर का सहारा लिया और महिला मरीज को उसमें लपेट कर एयरपोर्ट से बाहर ले गए। महिला मरीज को रांची के बरियातू स्थित पल्स अस्पताल में भर्ती कराना था। 

एयरपोर्ट पर रहते है रिम्स के चिकित्सक 
एयरपोर्ट पर रिम्स अस्पताल की ओर से चिकित्सक और चिकित्सा कर्मी रहते हैं। इसके बाद भी मरीज को एंबुलेंस तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर या व्हीलचेयर के बदले मरीज को चादर में लपेट कर ढोया गया। मामले में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारी कुछ कहने से बच रहे हैं। एयरपोर्ट के निदेशक एल के अग्रवाल मामले पर बोलने से बचते नजर आए। एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के कुछ जवान भी अन्य लोगों के साथ मिलकर बीमार महिला यात्री को बेड शीट में लपेट कर एंबुलेंस तक ले जाते दिखे। 

वायरल तस्वीर ने खड़े किए कई सवाल
वायरल तस्वीर में साफ साफ देखा जा सकता है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के कुछ जवान बीमार यात्री को एंबुलेंस तक बेड शीट पर ही उठाकर पार्किंग में खड़े एंबुलेंस तक पहुंचा रहे हैं। तस्वीर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए सम्मान पाने वाले एयरपोर्ट पर बीमार यात्रियों के लिए व्हीलचेयर या स्ट्रेचर का इंतजाम करना चाहिए था।

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