लॉक डाउन के बीच मंदिर में जाकर सबकी खैरियत के लिए प्रार्थना करना एक महिला को भारी पड़ गया। बाइक सवार दो लुटेरे उसकी चेन छीनकर भाग गए। बदमाश किसी संक्रमण की तरह महिला का पीछा कर रहे थे।

रांची, झारखंड. लॉक डाउन के बीच मंदिर में जाकर सबकी खैरियत के लिए प्रार्थना करना एक महिला को भारी पड़ गया। बाइक सवार दो लुटेरे उसकी चेन छीनकर भाग गए। बदमाश किसी संक्रमण की तरह महिला का पीछा कर रहे थे। चूंकि घटना के वक्त सड़कें सूनी थीं, इसलिए महिला चिल्लाती रह गई, लेकिन मदद के लिए उसे कोई नहीं दिखा। बदमाश बड़ी आसानी से लूट को अंजाम देकर भाग गए। इस मामले में पुलिस का शर्मनाक बयान सामने आया है। एसपी ने कहा कि लोगों को जब घर से निकलने के लिए मना किया गया है, तो महिला क्यों निकली?

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पहले से ही संक्रमण की तरह पीछे लगे थे बदमाश...
पूनम कुमारी डोरंडा स्थित पीएचईडी कॉलोनी में रहती हैं। मूलत: पटना की रहने वालीं पूनम कुमारी सोमवार सुबह घर के नजदीक मंदिर गई थीं। महिला के साथ उनके दोनों छोटे बच्चे भी थे। लॉक डाउन के चलते वे पटना नहीं जा पा रही हैं। वे मंदिर में कोरोना से सबकी सलामती की प्रार्थना करने गई थीं। पीड़िता ने बताया कि जब वे मंदिर से घर लौट रही थीं, तभी रास्ते में बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद बाइक के पीछे बैठा बदमाश उतरा और चेन छीन ली। इसक बाद दोनों बदमाश वहां से भाग गए। पीड़िता ने इसकी जानकारी अपने भाई गौतम रजक को दी। भाई ने फोन करके घटना के बारे में डोरंडा थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद को बताया। इसके बाद पुलिस मौके पहुंची। पुलिस ने पीड़िता का आवेदन लिया है।

पुलिस का रवैया जिम्मेदाराना

इस घटना के बाद मोहल्लेवालों ने 30 हजार रुपए चंदा जुटाकर कॉलोनी में CCTV कैमरे लगाने का फैसला किया है। इस मामले में पुलिस का रवैया गैर जिम्मेदाराना रहा। हटिया एसपी विनीत कुमार ने दो टूक कहा कि इस लूट के लिए पुलिस नहीं, महिला जिम्मेदार है। जब लॉक डाउन है, तो उसे बाहर निकलने की जरूरत क्या थी? बताते हैं कि लुटेरे महिला की रेकी कर रहे थे। वो जब मंदिर गई, तो बदमाश कुछ दूर खड़े रहे। चूंकि सड़क सूनी थी, इसलिए बदमाशों में कोई डर नहीं देखा गया।