Tulsi Plant Regrowth Tips: सूख रही तुलसी को हरा-भरा बनाना चाहते हैं? जानें कौन-सा नमक सुरक्षित है। एप्सम सॉल्ट सही मात्रा में डालने से पत्तियां गहरी हरी और पौधा मजबूत बनता है। टेबल सॉल्ट से बचें और धूप-पानी का सही संतुलन रखें।
तुलसी का पौधा घर में सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि प्राकृतिक औषधि भी है। लेकिन कई बार सही देखभाल न मिलने, ज्यादा पानी, खराब मिट्टी या पोषक तत्वों की कमी के कारण तुलसी सूखने लगती है, अक्सर सर्दियों में तुलसी के पौधे की सुखने की समस्या तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में लोग तरह-तरह के घरेलू उपाय आजमाते हैं। उन्हीं में से एक है “नमक डालना”। पर ध्यान रहे, साधारण खाने वाला नमक (टेबल सॉल्ट) पौधे के लिए हानिकारक हो सकता है, यानी पौधे को सूखा भी सकता है। सही नमक और सही मात्रा ही तुलसी को दोबारा हरा-भरा बना सकती है।
कौन-सा नमक है तुलसी के लिए सही?

एप्सम सॉल्ट है बेस्ट
तुलसी के पौधे की ग्रोथ के लिए एप्सम सॉल्ट (मैग्नीशियम सल्फेट) सबसे अच्छा माना जाता है। इसमें मैग्नीशियम और सल्फर होता है, जो पत्तियों की हरियाली बढ़ाने और जड़ों को मजबूत करने में मदद करता है। यह क्लोरोफिल बनने की प्रोसेस को बेहतर करता है, जिससे पत्ते गहरे हरे और स्वस्थ दिखते हैं।
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एप्सम सॉल्ट कैसे डालें?
- सही मात्रा का ध्यान रखें, इसलिए एक लीटर पानी में आधा चम्मच एप्सम सॉल्ट घोल लें।
- इस घोल को महीने में सिर्फ 1 बार ही मिट्टी में डालें। ज्यादा मात्रा जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है।
टेबल सॉल्ट क्यों नहीं डालना चाहिए?

रसोई में इस्तेमाल होने वाला नमक (सोडियम क्लोराइड) मिट्टी की गुणवत्ता खराब कर देता है। इससे मिट्टी हार्ड हो जाती है और जड़ें पानी व पोषक तत्व सही से नहीं ले पातीं। इसलिए तुलसी में कभी भी साधारण नमक न डालें।
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बेहतर रिजल्ट के लिए ये टिप्स अपनाएं
ड्रेनेज और धूप का रखें ध्यान, तुलसी को रोज 4-5 घंटे हल्की धूप चाहिए। गमले में अच्छे ड्रेनेज होल होने चाहिए ताकि पानी जमा न रहे।
नीम पानी और ऑर्गेनिक खाद मिलाएं
महीने में एक बार नीम पानी डालने से फंगस और कीड़े नहीं लगते। किचन वेस्ट कंपोस्ट या गोबर की खाद भी तुलसी की ग्रोथ बढ़ाती है।
