UK Girl Died After Sleeping medicine: नींद की दवा लेकर सोई क्लो की नींद में ही मौत हो गई। एक दिन बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से क्लो कैटन की बॉडी में चिंता और अनिद्रा की दवा उपस्थित होने का पता चला।

हेल्थ डेस्क : नींद की दवाई लेने से भी क्या किसी की मौत हो सकती है? ऐसा एक मामला सामने आया है। नचेस्टर इवनिंग न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम में एक 21 वर्षीय लड़की, जिसकी पहचान क्लो कैटन के रूप में हुई है, 1 जून को अपनी मां के न्यूकैसल स्थित घर में मृत पाई गई। उसने प्रिसक्राइब नींद की दवा ली थी और नींद में ही उसकी मौत हो गई। क्लोए, जो एक डेंटल रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी। चिंता और अवसाद से जूझ रही थी जिसके कारण उसकी असामयिक मृत्यु हो गई।

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बुरी तरह खांसी से पीड़ित थी क्लो कैटन

क्लो कैटन मां, अमी कैटन ने बताया कि उन्होंने अपने निधन से पहले सप्ताह में लगातार खांसी से पीड़ित होने की बात कही थी। क्लो ने सिर फड़कने का अनुभव होने की भी बात कही थी, लेकिन उसे अपने जनरल प्रैक्टिशनर (जीपी) के साथ इस पर चर्चा करने का अवसर नहीं मिला था। डेथ से पहले सुबह में अमी ने क्लो को बेजान पाया था। कैटन का कहना है कि वो एक पहले स्मोकिंग करती थी और वेप पीती थी। अपनी मृत्यु से एक सप्ताह पहले वह बुरी खांसी से पीड़ित थी। उसने सिर फड़फड़ाने का कहा था। डेथ के वक्त वो नीली और ठंडी पड़ी थी।

एंटी डिप्रेशन व नींद की दवाएं ले रही थीं 

क्लो को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया। एक दिन बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से क्लो कैटन की बॉडी में चिंता और अनिद्रा की दवा उपस्थित होने का पता चला। उसके जीपी ने एक बयान जारी कर बताया कि क्लो ने पहले एंटी डिप्रेशन दवाएं ली थीं, लेकिन उसे सोने में परेशानी हो रही थी और वह अपनी नौकरी पर इसके प्रभाव के बारे में चिंतित थी। आत्मघाती विचार व्यक्त करने के बाद उसे स्थानीय मानसिक स्वास्थ्य टीम के पास भी भेजा गया था। जवाब में एंट्री स्ट्रैस और नींद की दवाएं दी थीं।

जीपी प्रैक्टिस की ओर से बोलते हुए डॉ. हन्ना ब्रैडशॉ ने क्लो के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। पोस्टमार्टम जांच से संकेत मिला कि क्लो के सिस्टम में पाई गई दो दवाएं उसे प्रिसक्राइब नहीं की गई थीं। मृत्यु का कारण जोपिक्लोन विषाक्तता को बताया गया, अन्य दवाओं को सहायक कारकों के रूप में सूचीबद्ध किया गया। 

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