एफडीए ने खतरनाक केमिकल्स के कारण सोडा और जूस समेत 28 पेय पदार्थों को वापस ले लिया है। सभी हेल्थ ड्रिक्स की फिर से जांच की जाएगी। 

हेल्थ। गर्मी में हम ताजगी के लिए हेल्थ ड्रिंक्स पर निर्भर रहते हैं, लेकिन ये भी ध्यान रखना चाहिए कि कहीं ये ड्र्रिंक्स आपको नुकसान तो नहीं पहुंचा रही। एफडीए ने खतरनाक केमिकल्स के कारण सोडा और जूस समेत 28 पेय पदार्थों को वापस ले लिया है। इन पेय पदार्थों में ऐसे केमिकल्स पाए गए हैं जैसे बैक्टीरिया, ड्रग और अन्य हानिकारक केमिकल्स जिन्हें कंपनी कभी बताती नहीं है और जो मूत्राशय और स्किन कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं।

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चार को छोड़कर सभी ड्रिंक्स वापस
जांच में चार को छोड़कर सभी पेय पदार्थों को वापस ले लिया गया है। वापस लिए गए पेय पदार्थों में हिमालयन दर्द निवारक चाय शामिल है जिसके लेबल पर सूजन-रोधी दवा के घटक का खुलासा नहीं किया गया है। इसके साथ ही मार्टिनेली के सेब के रस में भी खतरनाक आर्सेनिक पाए जाने पर उसे वापस लिया गया हैं। आर्सेनिक एक जहरीली धातु होती है जिसकी वजह से मूत्राशय और त्वचा के कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।

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फिजी वॉटर में भी मिले तीन तरह के बैक्टेरिया
पेय पदार्थों में खतरनाक रसायनों के मिलने की इस खबर ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इतने दिनों इन कोल्ड ड्रिंक्स को पी रहे लोग अब चिंता में पड़ गए हैं। विटी लिमिटेड के नेचुरल वाटर्स की ओर से बनाई गई फिजी वॉटर की लगभग 1.9 मिलियन बोतलें भी वापस ली गईं हैं। पानी में मिनरल्स मैंगनीज के अलावा तीन तरह के खतरनाक बैक्टीरिया मिले हैं जो ब्रेन डैमेज का कारण बन सकते हैं।

पेय पदार्थों में मिले केमिकल कितने खतरनाक?
हेल्थ एक्सपर्ट्स की माने तो पेय पदार्थों में रसायन होेते हैं जो अघोषित सल्फाइट्स और प्रिजरवेटिव होते हैं और इसका कारण बनते हैं…

  • त्वचा की एलर्जी संबंधी प्रतिक्रियाएं। 
  • पाचन संबंधी समस्याएं।
  • सल्फाइट संवेदनशीलता वाले लोगों में अस्थमा 
  • लंग्स, किडनी, लीवर और पूरा पाचन तंत्र और लिंपथैटिक कैंसर

वेट बढ़ने की समस्या
अधिकांश पेय पदार्थों में चीनी अधिक होती है। अध्ययन से पता चलता है कि जो लोग चीनी युक्त पेय पदार्थ अधिक लेते हैं उनका वजन अधिक तेजी से बढ़ता है। जबकि कम चीनी खाने वालों का वजन तुलनात्मक रूप से कम तेजी से बढ़ता है।