क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मेंटल हेल्थ को लेकर अपनी सर्विस दे सकेगा या मानसिक हालात सुधारने में मदद करेगा। ऐसे में हम आपको इससे जुड़ी जानकारी दे रहे हैं।

नई दिल्ली. क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मेंटल हेल्थ को लेकर अपनी सर्विस दे सकेगा या मानसिक हालात सुधारने में मदद करेगा। ऐसे में हम आपको इससे जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। WHO की मानें तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग मेंटल हेल्थ सर्विस और रिसर्च के लिए कारगर साबित हो सकता है। लेकिन हाल ही में आई रिसर्च ने कुछ बातों को पॉइंट किया है। जिसको लेकर फिलहाल जानकारी जुटाई जा रही है।

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2021 में WHO की रिपोर्ट जारी की गई थी। इसमें दावा किया गया था कि 150 मिलियन लोग मानसिक हालत से गुजर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में कोरोना के बाद से इस तरह के मामले में लगातार इजाफा हुआ है। लोगों में तनाव लेने में प्रवृत्ति बढ़ी है. साथ ही आर्थिक स्थिति में गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ विवाद और हिंसा ने की रिपोर्ट्स ने साबित किया है कि मानसिक हालात में किस तरह के खतरनाक हालात बने हैं।

AI से क्या बदला?
AI की टेक्नोलॉजी आने के बाद से लागातर हेल्थ और मेडिसिन सेक्टर में तेजी से क्राति आई है। अब AI एक तरह का बहुत जरूरी टूल है। इसके जरिए हम व्यक्ति विशेष और समूह में लोगों की परेशानी को सुलझा सकते हैं। AI के जरिए हम डिजिटल डेटा का उपयोग कर सकते हैं। इसके जरिए हम इलेक्ट्रोनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स, मेडिकल इमेजेस और हाथ से लिखे क्लनिकल नोट का उपयोग कर सकते हैं। इसके जरिए हम मानसिक हालात के दौरान होने वाली समस्याओं को जान सकते हैं। 

एक्सपर्ट्स की मानें तो AI का उपयोग हम मेंटल हेल्थ की रिसर्च का सिस्टेमेटिक रिव्यू कर सकते हैं। फिलहाल, AI डिप्रेसिव विचार को समझने और साइकोटिक समस्या को समझने में काफी कारगर है। आने वाले समय में दिमागी पैटर्न को समझने के लिए AI को काफी सक्षम किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स को भविष्य में AI के और कारगर होने और मेंटल हेल्थ के लिए काफी सक्षम होने की उम्मीद है।