बदलें सिर्फ 5 आदत, डिमेंशिया, डिप्रेशन और स्ट्रोक का खतरा होगा 60% तक कम
डिमेंशिया, डिप्रेशन और स्ट्रोक से बचाव चाहते हैं? तो ये 5 आदतें दिमाग को हेल्दी रखकर बीमारियों का खतरा 60% तक कम कर सकती हैं। ब्रेन को एक्टीव और हेल्दी रखने के लिए ये जरूरी आदतें हैं, जो कम उम्र में डिमेंशिया, डिप्रेशन और स्ट्रोक रिस्क से बचाएगी।

आज की रफ्तार भरी जिंदगी में मानसिक और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। डिमेंशिया, डिप्रेशन और स्ट्रोक जैसी समस्याएं सिर्फ बुज़ुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि युवाओं को भी प्रभावित कर रही हैं। अच्छी खबर ये है कि कुछ साधारण लेकिन असरदार आदतों को अपनाकर इन बीमारियों का जोखिम काफी हद तक कम कर सकते हैं। रिसर्च और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, रोजमर्रा की लाइफस्टाइल में किए गए कुछ छोटे बदलाव दिमाग को लंबे समय तक हेल्दी रख सकते हैं।
सोशलाइज होना है जरूरी
दोस्तों, परिवार और समाज से जुड़े रहना दिमाग को एक्टिव और खुश रखता है। रोजाना बातचीत, हंसी-मजाक और इमोशनल कनेक्शन मेंटल स्ट्रेस को कम करता है। सोशल एक्टिविटी डिमेंशिया के खतरे को भी काफी हद तक कम करती है।
लाइफ के लिए पर्पस खोजें
जिंदगी में कोई लक्ष्य या उद्देश्य होना मेंटल हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है। चाहे नया हुनर सीखना हो, किसी की मदद करना हो या कोई शौक अपनाना- उद्देश्य दिमाग को पॉजिटीव डायरेक्शन देता है। इससे अकेलापन और डिप्रेशन कम होता है और जीवन में खुशहाली बनी रहती है।
डेली फिजिकल एक्टिविटी जरूरी है
रोजाना वॉक, योग, साइकलिंग या हल्की एक्सरसाइज न सिर्फ शरीर बल्कि दिमाग के लिए भी फायदेमंद है। फिजिकल एक्टिविटी से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे दिमाग को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है। यह स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के साथ-साथ मूड भी बेहतर बनाती है।
बैलेंस्ड डाइट अपनाएं
दिमाग की सेहत का सीधा संबंध आपके खाने की थाली से है। हरी सब्जियां, फल, नट्स, बीज, साबुत अनाज और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फूड दिमाग को पोषण देते हैं। रीच शुगर, जंक फूड और प्रोसेस्ड चीजें दिमाग में सूजन बढ़ा सकती हैं, जिससे डिप्रेशन और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
पजल्स और ब्रेन गेम्स सॉल्व करें
दिमाग को एक्टिव रखने के लिए पजल्स, सुडोकू, क्रॉसवर्ड या मेमोरी गेम्स ब्रेन हेल्थ के लिए बहुत हेल्पफुल हैं। ये गेम्स ब्रेन सेल्स के बीच कनेक्शन मजबूत करती हैं, जिससे याददाश्त बेहतर रहती है। रोज 15-20 मिनट का ब्रेन एक्सरसाइज डिमेंशिया के खतरे को कम करने में मदद करता है और ब्रेन को एक्टीव रखता है।