नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. अमोग दुदवेवाला ने बताया कि लिवर को स्वस्थ रखने और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज से बचने के लिए जीवनशैली में क्या बदलाव करने चाहिए।

भारत में हर 10 में से 3 लोग लिवर की बीमारी से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह बीमारी शराब के सेवन से नहीं बल्कि लिवर में चर्बी जमा होने के कारण होती है। मोटापा NAFLD का एक प्रमुख कारण है।

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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि भारत में 10 में से 3 लोग NAFLD से पीड़ित हैं। NAFLD भारत में एक बढ़ती हुई समस्या है। नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. अमोग दुदवेवाला ने बताया कि लिवर को स्वस्थ रखने और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज से बचने के लिए जीवनशैली में क्या बदलाव करने चाहिए।

स्वस्थ वजन बनाए रखें

मोटापा NAFLD का एक प्रमुख कारण है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से स्वस्थ वजन बनाए रखना चाहिए।

संतुलित आहार लें

फल, सब्जियां, अनाज और प्रोटीन (दालें, मछली आदि) से भरपूर आहार लें। संतृप्त वसा, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और चीनी का सेवन कम करें।

नियमित व्यायाम करें

लिवर में जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करने के लिए व्यायाम फायदेमंद होता है। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाला एरोबिक व्यायाम करें।

शराब से परहेज करें

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए शराब का सेवन सीमित करें। इसके अलावा, कीटनाशकों और पर्यावरणीय विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आने से बचें।

सुरक्षित यौन संबंध बनाएं

हेपेटाइटिस बी और सी लिवर की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। सुरक्षित यौन संबंध बनाएं।

टीकाकरण करवाएं

हेपेटाइटिस ए और बी के टीके उपलब्ध हैं। टीकाकरण करवाना सुनिश्चित करें।

दवाओं का सेवन

कुछ दवाएं लिवर के लिए हानिकारक हो सकती हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न लें।

नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं

नियमित जांच से लिवर की समस्याओं का जल्द पता लगाया जा सकता है। अगर आपका वजन ज्यादा है या आपको लिवर की बीमारी का पारिवारिक इतिहास है, तो नियमित जांच कराएं।