३० साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं को रोज़ाना १८ मिलीग्राम आयरन लेना चाहिए, ऐसा नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ (एनआईएच) बताता है.

औरतें अक्सर अपने परिवार की सेहत का ध्यान खुद से ज़्यादा रखती हैं. उम्र बढ़ने के साथ-साथ औरतों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. 30 साल के बाद औरतों के लिए ज़रूरी 6 विटामिन ये हैं...

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आयरन

शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ज़रूरी लाल रक्त कणों में मौजूद प्रोटीन हीमोग्लोबिन बनाने में आयरन का अहम रोल होता है. आयरन की कमी से एनीमिया होने का ख़तरा बढ़ जाता है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के मुताबिक़ दुनिया भर में लगभग 30% गर्भवती न होने वाली औरतें एनीमिया से पीड़ित हैं. 30 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं को रोज़ाना 18 मिलीग्राम आयरन लेना चाहिए, ऐसा नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ (एनआईएच) बताता है.

विटामिन डी

हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए विटामिन डी बहुत ज़रूरी है. उम्र बढ़ने के साथ-साथ हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है और ऑस्टियोपोरोसिस का ख़तरा बढ़ जाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि30 साल से ज़्यादा उम्र की औरतों में विटामिन डी की कमी होना आम बात है. रजोनिवृत्ति से गुज़र रही औरतों में पर्याप्त विटामिन डी लेने से फ्रैक्चर का ख़तरा काफ़ी हद तक कम हो जाता है. 

फ़ोलेट

विटामिन बी 9 के नाम से भी जाने वाले फ़ोलेट की डीएनए संश्लेषण, कोशिका वृद्धि और दिमाग़ के सही कामकाज के लिए बहुत ज़रूरत होती है. 30 साल के बाद भी फ़ोलेट का अहम रोल होता है. 30 साल से ज़्यादा उम्र की औरतों को रोज़ाना 400 mcg फ़ोलेट लेना चाहिए.

विटामिन बी 12 

तंत्रिकाओं के कामकाज, लाल रक्त कणों के उत्पादन और डीएनए संश्लेषण को बनाए रखने के लिए विटामिन बी 12 ज़रूरी है. उम्र बढ़ने के साथ-साथ विटामिन बी 12 को सोखने की उनकी क्षमता कम होती जाती है. इससे थकान, याददाश्त की समस्या और एनीमिया हो सकता है.

एंटीऑक्सीडेंट 

विटामिन सी और ई जैसे एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं. यह बुढ़ापा और पुरानी बीमारियों से जुड़ा होता है. 

विटामिन ई 

यह एक ज़रूरी एंटीऑक्सीडेंट है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता, त्वचा और आँखों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है. प्रजनन स्वास्थ्य, हृदय स्वास्थ्य और हार्मोन संतुलन के लिए भी विटामिन ई ज़रूरी है.