लंबे समय से बना रहने वाला घुटने का दर्द, लंबे समय से चले आ रहे मानसिक तनाव का नतीजा हो सकता है। डॉ. आशीष चौधरी के अनुसार, लंबे समय तक बना रहने वाला मानसिक तनाव व्यक्ति के न्यूरो एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित कर सकता है।

हेल्थ न्यूज। घुटने का दर्द एक आम समस्या है जो कई कारणों से हो सकती है। बहुत से लोग इस बात से अनजान हैं कि घुटने के दर्द और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध होता है। मानसिक तनाव न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि लंबे समय तक बना रहने वाला मानसिक तनाव व्यक्ति के न्यूरो एंडोक्राइन सिस्टम को भी प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि यह आगे चलकर लगातार होने वाले जोड़ों के दर्द का कारण बन सकता है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

चिंता विभिन्न शारीरिक क्षरण और मांसपेशियों की कमजोरी का कारण बनती है। यह दर्द को और भी बदतर बना देता है। तीसरा, चिंता शरीर के तंत्रिका तंत्र को तनाव में डालती है। आकाश हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड के ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट प्रमुख और प्रबंध निदेशक डॉ. आशीष चौधरी कहते हैं कि इससे रक्त वाहिकाओं का संकुचन सहित शारीरिक परिवर्तन होते हैं।

दीर्घकालिक घुटने के दर्द के पीछे लंबे समय से चला आ रहा मानसिक तनाव हो सकता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बना रहने वाला मानसिक तनाव व्यक्ति के न्यूरो एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। यह आगे चलकर लगातार होने वाले जोड़ों के दर्द का कारण बन सकता है। 

लंबे समय से चला आ रहा तनाव स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव समय के साथ शरीर में सूजन पैदा कर सकता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। स्वस्थ वजन बनाए रखना, धूम्रपान छोड़ना और स्वस्थ आहार लेने से तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।