सर्दियों में रजाई या कंबल से मुंह ढककर सोना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। जानें, क्यों यह आदत खतरनाक है और ठंड से बचने के सुरक्षित तरीके।

हेल्थ डेस्क: उत्तर और मध्य भारत में दिसंबर और जनवरी के बीच कड़ाके की सर्दी पड़ती है। सर्दी से बचने के लिए लोग हैवी रजाई या कंबल का इस्तेमाल करते हैं। ऊनी कंबल और रजाई ऐसे मैटीरियल से बने होते हैं जो शरीर के तापमान को बाहर नहीं जाने देता। इस कारण से रजाई ओढ़ने से शरीर का तापमान मेंटेन रहता है और ठंड नहीं लगती। ठंड में रजाई ओढ़ना भले ही आपके शरीर को फायदा पहुंचाता हो लेकिन पूरा मुंह ढक कर सोने से शारीरिक समस्या हो सकती है। आइए जानते हैं कि क्यों कंबल या रजाई से पूरा मुंह नहीं ढकना चाहिए।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

बढ़ जाता है कार्बन डाई ऑक्साइड का लेवल

जब रजाई से मुंह ढका जाता है तो रजाई के अंदर कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। वहीं ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है। इस कारण से व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है और साथ ही घुटन भी हो सकती है।

बार-बार टूट सकती है नींद

रजाई से मुंह ढक कर सोने से व्यक्ति की नींद रात में कई बार डिस्टर्ब हो सकती है। ऐसा सही से सांस ना ले पाने के कारण होता है। साथ ही व्यक्ति का हार्ट रेट भी बढ़ जाता है। जब रजाई से मुंह ढका जाता है तो नाक के छेद या नॉस्ट्रिल भी ब्लॉक हो सकते हैं। जिससे कारण व्यक्ति को असहज महसूस होता है।

शरीर को करनी पड़ती है ज्यादा मेहनत

अधिक कार्बन डाइऑक्साइड और कम ऑक्सीजन की मात्रा के कारण सांस लेने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। साथ ही व्यक्ति के शरीर में ऑक्सीजन की कम मात्रा पहुंचती है। इस कारण पूरे शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

रात में ऐसे बचे सर्दी से 

अगर ठंड बहुत ज्यादा है तो मुंह ढक कर सोने के बजाय आप कुछ टिप्स अपना सकते हैं। अपने सिर में वूलन कैप लगाएं ताकि सिर में ठंड ना लगे। साथ ही आप आई मास्क का इस्तेमाल कर सकती हैं। ऐसा करने से भी आपका चेहरा ढक जाएगा और ठंड भी नहीं लगेगी।

और पढ़ें: रुबीना दिलैक और भारती सिंह ने बताया कब तक न दें बच्चों को चीनी और नमक?