Vestibular migraine diet for reduce symptoms: वेस्टिबुलर माइग्रेन के पेशेंट्स को कुछ फूड्स ट्रिगर्स करते हैं जिससे बीमारी के लक्षण तेजी से बढ़ने लगते हैं। वहीं कुछ फूड्स बीमारी के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। 

हेल्थ डेस्क: वेस्टिबुलर माइग्रेन एक कंडीशन है जिसमें चक्कर आना मुख्य लक्षण के रूप में दिखता है। जिन लोगों को माइग्रेन की कंडीशन रहती है उन्हें कमजोरी के साथ ही कुछ सेकेंड या घंटों में चक्कर या वर्टिगो के एपिसोड्स से गुजरना पड़ता है। ऐसी समस्या से छुटकारे के लिए डाइटरी चेंज बेहद अहम भूमिका निभाता है। जानिए वेस्टिबुलर माइग्रेन होने पर खान में क्या शामिल करना चाहिए और क्या नहीं।

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समझें वेस्टिबुलर माइग्रेन ट्रिगर्स फूड्स को

वेस्टिबुलर माइग्रेन सहित माइग्रेन के एपिसोड्स से दूर रहना चाहते हैं तो आपको कुछ फूड्स से दूरी बनानी होगी। कुछ फूड ट्रिगर्स जैसे कि चॉकलेट, एल्कोहल प्रोसेस्ड मीट से दूरी बनानी चाहिए। वहीं कुछ कैमिकल्स जैसे कि नाइट्रेट्स, टायरामाइन, हिस्टामाइन और फेनिलएथिलामाइन जैसे कैमिकल्स भी सिरदर्द का कारण बन सकते हैं। माइग्रेन को ट्रिगर करने वाले फूड सभी व्यक्तियों में अलग हो सकते हैं। अगर आपको किसी खास फूड को खाने से चक्कर या सिरदर्द होता है तो उसे तुरंत छोड़ दें।

वेस्टिबुलर माइग्रेन में अपनाएं ये डाइट

वेस्टिबुलर माइग्रेन से पीड़ित हैं तो आपको अपनी डाइट में कुछ फूड्स को पूरी तरह से हटाना पड़ेगा। स्टडी में ये बात सामने आई है कि पेशेंट्स में कुछ फूड्स बीमारी के लक्षणों को बढ़ा देते हैं।

  • फल: सिर्फ खट्टे फलों और टमाटर को छोड़कर सभी फलों का सेवन कर सकते हैं।
  • वेजीटेबल्स: प्याज, बींस और दाल को छोड़कर सभी सब्जियां खाने में शामिल करें।
  • नॉनवेज: प्रोसेस्ड मीट को छोड़कर फ्रेश मीट का सेवन करें।
  • डेयरी प्रोडक्ट: डायट में नॉन डेयरी मिल्क जैसे कोकोनट और ओट मिल्क लेना शुरू करें।

वेस्टिबुलर माइग्रेन के अटैक किसी भी इंसान के लिए गंभीर साबित होते हैं। व्यक्ति चक्कर खाकर गिरने से गंभीर रूप से जख्मी हो जाता है। ऐसे में डाइट में बदलाव कर अगर कुछ फायदे दिख रहे हैं तो आपको बदलाव जरूर करना चाहिए। डाइट में किसी भी तरह के बदलाव से पहलें डॉक्टर से जानकारी जरूर लें। 

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