आज विश्व सीओपीडी (COPD) दिवस है। क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) फेफड़ों को प्रभावित करने वाली एक गंभीर और लंबी चलने वाली बीमारी है।

आज विश्व सीओपीडी (COPD) दिवस है। क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) फेफड़ों को प्रभावित करने वाली एक गंभीर और लंबी चलने वाली बीमारी है। दुनिया भर में सबसे ज्यादा मौतों का तीसरा सबसे बड़ा कारण फेफड़ों से जुड़ी यह बीमारी है। धूम्रपान, जहरीली गैसें और वायु प्रदूषण सीओपीडी के प्रमुख कारण हैं।

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फेफड़ों में हवा के प्रवाह को बुरी तरह प्रभावित करने वाले सीओपीडी के लक्षणों में सांस फूलना, खांसी, बहुत ज्यादा बलगम, घरघराहट और सीने में भारीपन शामिल हैं।

सीओपीडी को नियंत्रित करने के उपाय:

1. धूम्रपान छोड़ें

सीओपीडी का मुख्य कारण धूम्रपान है, इसलिए इसे छोड़ना सबसे पहला कदम होना चाहिए। धूम्रपान छोड़ने से शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।

2. स्वस्थ आहार और जीवनशैली में बदलाव

डॉक्टर से सलाह लेकर उचित आहार और जीवनशैली में बदलाव करें। अपने आहार में भरपूर फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन शामिल करें।

3. तनाव कम करें

तनाव कम करने से सीओपीडी के लक्षणों को बिगड़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।
इसके लिए योग और ध्यान जैसी गतिविधियाँ करें।

4. वायु प्रदूषण से बचें

वायु प्रदूषण वाले स्थानों से दूर रहें। धूल, पराग, तेज गंध और धुएं जैसी फेफड़ों को परेशान करने वाली चीजों के संपर्क में आने से बचें।

5. व्यायाम

रोजाना व्यायाम करें। योग और ध्यान जैसी आदतें अपनाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने में मदद मिलती है। इसके लिए सांस लेने के व्यायाम करना अच्छा रहता है।

6. दवाएं

अपने डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं समय पर लेना सुनिश्चित करें।

ध्यान दें: अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई देते हैं, तो खुद से इलाज करने की कोशिश न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके बाद ही बीमारी की पुष्टि करें।