गुरुग्राम में कॉर्पोरेट नौकरी करने वाली एक युवती ने वीडियो में महंगी लाइफ की असलियत बताई है। लोगों की सोच के विपरीत, उसकी सैलरी पार्टियों के बजाय बिल और खर्चों में खत्म हो जाती है। यह बड़े शहरों के कई युवाओं की हकीकत है।
गुरुग्राम भारत के सबसे महंगे शहरों में से एक है। यहां किराया हो या सामानों की कीमत, सब कुछ बहुत महंगा है। ऐसे में, गुरुग्राम में कॉर्पोरेट नौकरी का सपना लेकर आने वाले युवाओं की असल में क्या हालत होती है, यह आयुषी नाम की एक लड़की ने अपने वीडियो में बताया है। उसका कहना है कि दोस्तों को लगता है कि गुरुग्राम में उसकी लाइफ पार्टियों और कैफे में घूमते हुए मज़े में कट रही है, लेकिन असलियत इससे कोसों दूर है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किए एक वीडियो में आयुषी ने गुरुग्राम की कॉर्पोरेट लाइफ का दूसरा पहलू दिखाया है। आयुषी कहती हैं कि जैसा दोस्त सोचते हैं, वैसी लग्ज़री लाइफ उनकी नहीं है। नौकरी लगने के बाद तो ज़िंदगी में बिल और खर्चे और बढ़ गए हैं।
आयुषी वीडियो में कहती हैं, 'दोस्तों को लगता है कि मैं गुरुग्राम में काम करती हूं तो मेरी लाइफ पार्टियों, क्लब, रेस्टोरेंट और कैफे से भरी हुई है। लेकिन सच्चाई ऐसी नहीं है। जब मेरे पास नौकरी नहीं थी, तब मैं इससे ज़्यादा घूमती-फिरती थी। सैलरी अकाउंट में सिर्फ उसी दिन दिखती है जिस दिन वो आती है। उसके बाद वो कहां जाती है, किसी को पता नहीं चलता। मैंने अपनी ज़िंदगी में इतने बिल पहले कभी नहीं भरे। मेरी तो यही दुआ है कि भगवान सबको ये 'गुरुग्राम वाली ज़िंदगी' दे।'
सोशल मीडिया पर लोग आयुषी की बातों से सहमत दिख रहे हैं। उनका कहना है कि यह बड़े शहरों में नौकरी करने वाले लाखों सैलरीड लोगों की कहानी है। किराया, बिजली बिल, ग्रॉसरी और आने-जाने जैसे खर्चे पूरे होते-होते सैलरी खत्म हो जाती है।
वीडियो के नीचे कई लोगों ने कमेंट्स किए हैं। एक ने लिखा, 'गुरुग्राम लाइफ को इससे बेहतर तरीके से नहीं बताया जा सकता।' एक और यूजर ने लिखा, 'यह बहुत दर्दनाक सच्चाई है।' वहीं एक अन्य ने कमेंट किया, 'सैलरी आती है और पलक झपकते ही गायब हो जाती है।'
