Viral Video: राजस्थान हाईवे पर परिवार के खाना खाने का वीडियो वायरल होते ही मचा हंगामा, लेकिन सोशल मीडिया का दावा निकला अधूरा! क्या परिवार सच में सड़क पर बैठा था या वीडियो के पीछे छिपी है कोई दूसरी कहानी? परिवार ने बताया सोशल मीडिया का पूरा सच।

Highway Viral Video Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों सनसनी की तरह एक वीडियो फैल रहा है। राजस्थान के एक नेशनल हाईवे का यह वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर सामने आया, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वीडियो में एक परिवार भारी ट्रैफिक के बीच हाईवे किनारे जमीन पर बैठकर खाना खाते हुए दिखाई दे रहा था। इसे देखते ही यूज़र्स ने नागरिक समझ (Civic Sense) और सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते वीडियो के नीचे कमेंट्स की बाढ़ आ गई और लोग परिवार पर हाईवे को 'पिकनिक स्पॉट' बनाने का आरोप लगाते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई और जांच की मांग करने लगे। लेकिन क्या यह सच में एक लापरवाही भरी पिकनिक थी, या इसके पीछे छुपी थी कोई मजबूरी?

Rajasthan Highway: सोशल मीडिया का वो अधूरा सच जिसने मचाया बवाल

डिजिटल दुनिया में अक्सर चीजें वैसी नहीं होतीं जैसी नजर आती हैं। वीडियो वायरल होने के बाद जब चारों तरफ से आलोचना की बौछार होने लगी, तब इस मामले की असली सच्चाई सामने लाने के लिए NDTV ने वीडियो पोस्ट करने वाले परिवार से संपर्क किया। इसके बाद जो हकीकत निकलकर सामने आई, उसने ऑनलाइन चल रहे पूरे नैरेटिव को बदलकर रख दिया। सोशल मीडिया पर जिसे 'सैर-सपाटा' और 'लापरवाही' का नाम दिया जा रहा था, वह दरअसल एक परिवार की लाचारी और आपातकालीन स्थिति का मंजर था।

Rajasthan Highway Viral Video: सोशल मीडिया के दावे से अलग निकली कहानी

परिवार के सदस्य शिव प्रकाश ने पूरे वाकये का खुलासा करते हुए बताया कि यह घटना 12 अगस्त यानी हरियाली अमावस्या के दिन की है। शिव अपने परिवार के साथ, जिसमें छोटे-छोटे मासूम बच्चे और बुजुर्ग सदस्य शामिल थे, प्रसिद्ध मेनाल वॉटरफॉल घूमकर अपने घर चित्तौड़गढ़ लौट रहे थे। शाम के लगभग 4:30 बज रहे थे और रास्ते में मूसलाधार बारिश हो रही थी। लगातार सफर और खराब मौसम के कारण बच्चों और बुजुर्गों की हालत भूख के मारे बिगड़ने लगी थी। सुनसान हाईवे और तेज बारिश के बीच आसपास कोई होटल या रेस्टोरेंट भी नजर नहीं आ रहा था।

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Rajasthan News: ले-बाय (Lay-by) पर खाना खाने का परिवार ने क्यों मोल लिया था खतरा?

बढ़ती परेशानी को देखते हुए परिवार ने सड़क किनारे खड़े कुछ स्थानीय ग्रामीणों से मदद मांगी। ग्रामीणों ने उन्हें सलाह दी कि आगे हाईवे पर एक 'ले-बाय' (गाड़ियों के सुरक्षित ठहराव की जगह) मौजूद है, जहां आमतौर पर ट्रक ड्राइवर विश्राम करते हैं। शिव के मुताबिक, वे हाईवे की मुख्य सड़क या लेन पर नहीं, बल्कि सरकार द्वारा अधिकृत इसी 'ले-बाय' में अपनी गाड़ी पार्क करके करीब 15 मिनट के लिए रुके थे। उनका मकसद सिर्फ बुजुर्गों और बच्चों को खाना खिलाना था। खाना खाते ही वे तुरंत अपने सफर पर आगे बढ़ गए थे।

Viral Video Fact Check: इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था वीडियो

शिव प्रकाश ने बताया कि उन्होंने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सामान्य तौर पर पोस्ट किया था। उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि वीडियो इस तरह वायरल हो जाएगा और उसके साथ अलग-अलग दावे जोड़ दिए जाएंगे। बाद में जब वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा तो परिवार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। शिव के मुताबिक, स्थिति इतनी बढ़ गई कि उन्हें अपना इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट करना पड़ा। उनका कहना है कि वीडियो को जिस संदर्भ में शेयर किया गया, उससे लोगों को लगा कि परिवार जानबूझकर हाईवे पर बैठकर पिकनिक मना रहा था।

Rajasthan Highway Case: परिवार ने दी अपनी सफाई

शिव प्रकाश ने साफ किया कि परिवार का किसी भी तरह से खुद को या दूसरे यात्रियों को खतरे में डालने का इरादा नहीं था। उनके मुताबिक, उस दिन परिस्थितियां भी सामान्य नहीं थीं। भारी बारिश हो रही थी, साथ में बच्चे और बुजुर्ग थे और परिवार को खाना भी खाना था। ऐसे में उन्होंने आसपास के लोगों से सुरक्षित जगह के बारे में पूछा और उनकी सलाह पर ले-बाय में रुके। शिव ने इसे एक तरह की आपात स्थिति जैसी परिस्थिति बताया। उनका कहना है कि परिवार ने हाईवे पर अपनी मर्जी से कोई पिकनिक स्पॉट नहीं बनाया था, बल्कि थोड़ी देर के लिए निर्धारित जगह पर रुका था।

Highway Safety पर सवाल फिर भी अहम

हालांकि परिवार की सफाई सामने आने के बाद वायरल वीडियो की तस्वीर जरूर बदलती है, लेकिन हाईवे सुरक्षा का सवाल अपनी जगह बना हुआ है। हाईवे पर वाहन रोकते या उतरते समय सावधानी बेहद जरूरी है। यात्रियों को हमेशा निर्धारित और सुरक्षित स्थान का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि खुद के साथ-साथ दूसरे वाहन चालकों के लिए भी खतरा न पैदा हो। इस मामले में असली विवाद सिर्फ परिवार के खाना खाने को लेकर नहीं है। बड़ा सवाल यह भी है कि क्या कुछ सेकंड के वायरल वीडियो के आधार पर पूरी घटना का निष्कर्ष निकालना सही है?

Viral Video Truth: अधूरी तस्वीर से बन गया पूरा विवाद

राजस्थान हाईवे का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद परिवार की आलोचना शुरू हो गई। लोगों ने इसे हाईवे पर गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का उदाहरण बताया। लेकिन परिवार के सदस्य शिव प्रकाश के बयान के अनुसार, घटनाक्रम की पृष्ठभूमि अलग थी। उनका कहना है कि परिवार मेनाल वॉटरफॉल से लौट रहा था, भारी बारिश के बीच बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहा था और स्थानीय लोगों की सलाह पर हाईवे के ले-बाय में करीब 15 मिनट के लिए रुका था।