Karwa Chauth Mata Aarti: करवा चौथ माता की पूरी आरती हिंदी में पढ़ें। जानें आरती करने का सही समय, पूजा की सामग्री, व्रत कथा का महत्व और चंद्रमा को अर्घ्य देने का सही तरीका।

करवा चौथ के दिन करवा माता की पूजा और आरती का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। शाम को भगवान गणेश, माता पार्वती और करवा माता की पूजा की जाती है। इसके बाद व्रत कथा सुनकर आरती की जाती है। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। अगर आप भी करवा चौथ का व्रत रख रही हैं, तो यहां पढ़ें करवा चौथ माता की पूरी आरती हिंदी में, साथ ही जानें आरती करने का सही समय, पूजा की सामग्री और चंद्रमा को अर्घ्य देने का तरीका।

करवा चौथ माता की आरती (Karwa Chauth Mata Ki Aarti Lyrics in Hindi)

ॐ जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नैया॥

ॐ जय करवा मैया॥

सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।

यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी॥

ॐ जय करवा मैया॥

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती।

दीर्घायु पति होवे, दुख सारे हरती॥

ॐ जय करवा मैया॥

होए सुहागिन नारी, सुख-संपत्ति पावे।

गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे॥

ॐ जय करवा मैया॥

करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे।

व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे॥

ॐ जय करवा मैया॥

करवा चौथ पर माता की आरती कब करें?

करवा चौथ पर शाम की पूजा के दौरान व्रत कथा सुनने के बाद करवा माता की आरती की जाती है। कई परिवारों में भगवान गणेश, माता पार्वती और भगवान शिव की आरती भी की जाती है। चंद्रमा निकलने पर चंद्रदेव को अर्घ्य देने और उनकी पूजा करने की परंपरा है।

ध्यान रखें कि पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार समय देख लें।