पालक को गमलों, ग्रो बैग्स या छोटी ट्रे में भी उगाया जा सकता है। अगर आपके पास जगह कम है तो वर्टिकल गार्डन का ऑप्शन चुनें। इससे घर बैठे ऑर्गेनिक पालक का मजा उठा सकते हैं।

अगर आप हेल्दी और ताजी हरी सब्जियां खाना पसंद करते हैं, तो किचन गार्डन में पालक उगाना आपके लिए बेस्ट आइडिया है। पालक (Spinach) न सिर्फ आयरन, कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होती है, बल्कि इसे उगाना भी बेहद आसान है। अच्छी बात यह है कि पालक हर सीजन में आसानी से उगाई जा सकती है। आइए जानते हैं किचन गार्डन में पालक उगाने के 5 सिंपल ट्रिक्स।

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बीज की सही बुवाई करें

पालक के बीज को सीधे मिट्टी में 1-2 सेमी गहराई पर बोएं। बीजों के बीच कम से कम 6-8 इंच का गैप रखें ताकि पौधों को फैलने की जगह मिले। बुवाई के बाद हल्का पानी छिड़कें, लेकिन ध्यान रहे मिट्टी में पानी जमा न हो।

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बीज को पहले भिगोकर बोएं

पालक के बीजों को 6–8 घंटे पानी या गुनगुने पानी में भिगोकर रखें। ऐसा करने से बीज की सख़्त परत नरम हो जाती है और अंकुरण (germination) 3–4 दिन जल्दी हो जाता है। अगर आप कंटेनर या गमले में पालक लगा रहे हैं तो कम से कम 8–10 इंच गहरा गमला लें। इससे जड़ें अच्छी तरह फैलेंगी और पत्तियां तेजी से बढ़ेंगी।

पानी और धूप का बैलेंस रखें

पालक को हल्की धूप और ठंडी जगह पसंद होती है। इसलिए इसे ऐसी जगह लगाएं जहां सुबह की धूप मिले और दोपहर में हल्की छांव रहे। रोज हल्का पानी दें, ताकि मिट्टी नमीदार रहे लेकिन ज्यादा गीली न हो। गर्मियों में पालक को मल्चिंग (सूखी पत्तियों या घास की परत) से ढक सकते हैं, ताकि मिट्टी की नमी बनी रहे।

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कटिंग और हार्वेस्टिंग का तरीका

पालक की पत्तियां 25-30 दिन में तोड़ने लायक हो जाती हैं। पौधे को जड़ से न उखाड़ें, बल्कि ऊपर से पत्तियां तोड़ें। इससे नई पत्तियां फिर से निकलती रहेंगी। एक बार लगाए गए पालक से आप 3-4 बार तक पत्तियां ले सकते हैं।

लिक्विड फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करें

हर 7–10 दिन में पौधों को गुड़ का घोल, मट्ठा या जले हुए चायपत्ती का पानी डालें। इससे पत्तियां मोटी और चमकदार निकलती हैं और ग्रोथ स्पीड बढ़ जाती है।