Vishwakarma Puja Shlokas: विश्वकर्मा पूजा के मौके पर पर पढ़ें सरल श्लोक और मंत्र। जानें इनके आसान अर्थ, साथ ही इन्हें अपने परिवारजनों और दोस्तों के साथ भी शेयर करें।

Vishwakarma Puja Shlokas: 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन लोग देवताओं के शिल्पकार और वास्तुकला के देवता माने जाने वाले भगवान विश्वकर्मा की अर्चना करने के साथ, मशीनों, कार्यस्थल और उपकरणों की पूजा करते हैं। इस दिन ध्यान और मंत्रों का जाप करने से पूजा का धार्मिक महत्व बढ़ जाता है। यहां देखें, 20 सरल विश्वकर्मा पूजा श्लोक, जिन्हें पढ़ने के साथ परिवारजनों के साथ शेयर भी किया जा सकता है।

विश्वकर्मा पूजा स्पेशल श्लोक

ओम विश्वकर्मणे नमा:

अर्थ: भगवान विश्वकर्मा को पूरा नमन ।

विश्वकर्मा नमुस्तभ्यम शिल्प विद्याप्रदायक, कर्माणाम फलदाता त्वम सर्वसिद्धिम प्रयच्छ में।

अर्थ- हे विश्वकर्मा भगवान, आप शिल्पविद्या के ज्ञानी हो और कर्मों का फल देने वाले हैं। अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखे और शुभ कार्यों में सफलता प्रदान करो।

ओम बुद्धि बलप्रदाय नमा, ओम कौशल समृद्धि प्रदाय नमा।

अर्थ- बुद्धि, सामर्थ्य, कौशल और समद्धि प्रदान करने वाले भगवान को मेरा नमन।

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ओम उद्योगवर्धनाय नमा, ओम कर्मफलप्रदाय नमा ।

अर्थ- उद्योग और कार्य में वृद्धि तथा कर्मों का शुभ फल देने वाले प्रभु को मेरा प्रणाम।

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ओम निर्माणकलाविशारदाय नमा।

अर्थ- निर्माण कला में निपुण भगवान विश्वकर्मा को नमन।

ओम विश्वकर्मणे महात्मने, विश्वसृष्टि विधात्रे नमा।

अर्थ- महान आत्मस्वरूप और विश्व की रचना करने वाले भगवान को मेरा नमन।

ओम श्रीविश्वकर्मणे नमा, सर्वलोकहिताय नमा।

अर्थ- भगवान विश्वकर्मा और सभी लोकों के हितकारी प्रभु को प्रणाम

विश्वकर्मा महाभाग देवाचार्य नमोस्तु ते, त्वया कृतम जगत्सर्वम चराचरमिदम प्रभो।

अर्थ- हे महान भगवान विश्वकर्मा, आपको नमन है। यह संपूर्ण जगत आपकी रचना है।

ओम कौशलदात्रे नमा ।

अर्थ- कौशल और कार्यकुशलता प्रदान करने वाले प्रभु को प्रणाम।

ओम कर्मसिद्धिप्रदाय नमा।

अर्थ- कर्मों में सफलता प्रदान करने वाले भगवान को मेरा नमन।