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Legal Guide for Women: पति करें अगर जबरदस्ती, तो पत्नी के लिए है ये 3 कानून
Legal Rights For Wife: शादी में भी कई बार महिला को अपने ही पति की जबरदस्ती का सामना करना पड़ता है, जो उसे भावनात्मक रूप से तोड़ देता है। लेकिन कानून में पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा के लिए 3 अहम कानून मौजूद हैं, जिनके सहारे वे न्याय पा सकती हैं।

शादी के बाद कई बार पति यह मान लेते हैं कि पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाना उनका अधिकार है, चाहे उसकी इच्छा हो या न हो। ज्योत्सना (बदला हुआ नाम) आज भी उसी दर्द के साथ जी रही है। एक नहीं, कई बार उसके पति ने शराब के नशे में उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। मना करने के बावजूद उसकी सहमति को नजरअंदाज किया गया। हर बार उसे ऐसा महसूस हुआ, जैसे उसके साथ जबरन अपराध किया जा रहा हो। शादी में ऐसा होता है, इस सोच के साथ वह आज तक चुप रही। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सही है? सच्चाई यह है कि शादी के बाद भी किसी महिला की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सहमति उतनी ही जरूरी होती है। भारतीय कानून में ऐसे कई प्रावधान और धाराएं मौजूद हैं, जो पत्नी को पति की जबरदस्ती, हिंसा और उत्पीड़न से सुरक्षा देती है।
जबरदस्ती संबंध बनाना: कानून क्या कहता है
भारत में अभी भी मैरेज के अंदर रेप (Marital Rape) को पूरी तरह अपराध घोषित नहीं किया गया है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि वो असहाय है। अगर पति जबरदस्ती करता है, हिंसा करता है या फिर डराता-धमकाता है, तो पत्नी के पास अन्य कानूनी रास्ते मौजूद हैं।
घरेलू हिंसा कानून (Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005)
घरेलू हिंसा कानून के तहत पत्नी पति के खिलाफ शिकायत कर सकती है। यह कानून महिला को सबसे मजबूत सुरक्षा देता है। इसके तहत सिर्फ मारपीट ही नहीं, बल्कि जबरदस्ती शारीरिक संबंध, मानसिक प्रताड़ना, गाली-गलौज और डराना भी शामिल है। इसके अलावा इकोनॉमिक कंट्रोल भी घरेलू हिंसा माने जाते हैं। इस कानून के तहत पत्नी कोर्ट से प्रोटेक्शन ऑर्डर, मेडिकल खर्च, मुआवजा और अलग रहने का अधिकार मांग सकती है।
IPC धारा 498A: क्रूरता के खिलाफ हथियार
अगर पति या ससुराल वाले महिला के साथ शारीरिक या मानसिक क्रूरता करते हैं, तो पत्नी IPC 498A के तहत केस दर्ज करा सकती है। इसमें जबदस्ती, धमकी, मानसिक दबाव भी क्रूरता की श्रेणी में आते हैं। आप इसके तहत भी पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
IPC धारा 323 और 506
अगर जबरदस्ती के दौरान मारपीट या धमकी दी जाती है, तो पत्नी इन धाराओं के तहत भी शिकायत कर सकती है। धारा 323 के तहत शारीरिक चोट, धारा 506 के तहत आपराधिक धमकी।
पत्नी की सहमति सबसे अहम
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 हर व्यक्ति को सम्मान और निजी स्वतंत्रता का अधिकार देता है। शादी के बाद भी पत्नी की ना का मतलब ना ही होता है। कोई भी रिश्ता जबरदस्ती पर नहीं टिक सकता। अगर पति आपके साथ किसी भी तरह का जबरदस्ती करता है, तो आप नजदीकि पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करा सकती हैं। इसके अलावा महिला हेल्प लाइन नंबर 181 और 1091 पर कॉल कर सकती हैं।
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