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टूटे दिल के आशिकों के लिए जावेद अख्तर के कलम से निकली 10+ शायरी, मरहम का करेगी काम
Shayari For Broken Heart: जावेद अख्तर को शब्दों का जादूगर माना जाता है। उनकी कलम से शायरी और गीत जो निकलते हैं, वो सीधे दिल को छू लेते हैं। यहां पर हम आपको 10 से ज्यादा शायरी दिखाएंगे जो टूटे दिल पर मरहम लगाने का काम करेगी।

जावेद अख्तर 17 जनवरी को अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। ग्लावियर में जन्मे अख्तर साहब जिंदगी के हर रंग को अपनी कलम से बयां करते हैं। टूटे दिल के दर्द जिस तरह से वो अपनी शायरी में बयां करते हैं, वो अंदर तक छू लेते हैं।
दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं
ज़ख़्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते हैं
-जावेद अख्तर
कभी जो ख़्वाब था वो पा लिया है
मगर जो खो गई वो चीज़ क्या थी
-जावेद अख्तर
इन चराग़ों में तेल ही कम था
क्यूं गिला फिर हमें हवा से रहे
हम तो बचपन में भी अकेले थे
सिर्फ़ दिल की गली में खेले थे
-जावेद अख्तर
आज फिर दिल ने एक तमन्ना की,
आज फिर दिल को हमने समझाया….
-जावेद अख्तर
छोड़ कर जिस को गए थे आप कोई और था,
अब मैं कोई और हूँ वापस तो आ कर देखिए !
- जावेद अख्तर
बहाना ढूंढते रहते हैं कोई रोने का
हमें ये शौक़ है क्या आस्तीं भिगोने का
-जावेद अख्तर
दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं
ज़ख़्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते हैं
- जावेद अख्तर
तू तो मत कह हमें बुरा दुनिया
तू ने ढाला है और ढले हैं हम
- जावेद अख्तर
बंध गई थी दिल में कुछ उम्मीद सी
ख़ैर तुम ने जो किया अच्छा किया
-जावेद अख्तर
ऊंची इमारतों से मकां मेरा घिर गया
कुछ लोग मेरे हिस्से का सूरज भी खा गए
-जावेद अख्तर
तुमको देखा तो ये ख़याल आया
ज़िन्दगी धूप तुम घना साया
-जावेद अख्तर
तुम चले जाओगे तो सोचेंगे
हमने क्या खोया, हमने क्या पाया
-जावेद अख्तर
तुम ये कहते हो
कि मैं ग़ैर हूँ फिर भी शायद
निकल आए कोई
पहचान ज़रा देख तो लो
-जावेद अख्तर
डर हम को भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से
लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा
-जावेद अख्तर
तब हम दोनों वक़्त चुरा कर लाते थे
अब मिलते हैं जब भी फ़ुर्सत होती है
-जावेद अख्तर
तुम ये कहते हो कि मैं ग़ैर हूँ फिर भी शायद
निकल आए कोई पहचान ज़रा देख तो लो
-जावेद अख्तर
खुला है दर प तिरा इंतिज़ार जाता रहा
ख़ुलूस तो है मगर ए'तिबार जाता रहा
-जावेद अख्तर
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