एक वायरल पोस्ट के अनुसार, अमीर भारतीय माता-पिता पैसिव इनकम से Gen Z बच्चों को आलसी बना रहे हैं. प्रतिष्ठा और महंगी जीवनशैली के कारण ये युवा काम से बचते हैं और अपने माता-पिता की कमाई पर निर्भर रहते हैं.
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी है। इसमें दावा किया गया है कि अमीर भारतीय मां-बाप अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। प्रेम सोनी नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि माता-पिता से मिलने वाली पैसिव इनकम (बिना मेहनत की कमाई) की वजह से Gen Z पीढ़ी काम को लेकर लापरवाह और आलसी होती जा रही है।
प्रेम सोनी ने लिखा, "पैसे वाले भारतीय मां-बाप अपनी पैसिव इनकम बच्चों से शेयर करके उनका भविष्य खराब कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि वे अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर रहे हैं, लेकिन असल में, वे एक ऐसी पीढ़ी तैयार कर रहे हैं जो पूरी तरह से आलसी और कामचोर है। आज किसी भी टियर-1 या टियर-2 शहर में चले जाइए, आपको 25 साल के कई युवा इस आर्थिक जाल में फंसे मिलेंगे।"
उन्होंने अपनी पोस्ट में तीन तरह की मानसिकता का जिक्र किया है, जो इन युवाओं को आगे बढ़ने से रोक रही है -
1. इज्ज़त का जाल (Prestige Trap): परिवार की समाज में ऊंची हैसियत के डर से ये युवा छोटे-मोटे या सेल्स जैसे काम करने से कतराते हैं।
2. लाइफस्टाइल का जाल (Lifestyle Trap): वे जिस तरह की महंगी और आलीशान ज़िंदगी जीते हैं, उसका खर्च किसी भी शुरुआती नौकरी की सैलरी से पूरा नहीं हो सकता। इसलिए वे कम सैलरी वाली नौकरी करना ही नहीं चाहते।
3. हक की भावना का जाल (Entitlement Trap): वे अपने परिवार के सालों पुराने बिजनेस को संभालने या उसे आगे बढ़ाने में भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते।
पोस्ट में आगे लिखा है, 'तो फिर ये लोग करते क्या हैं? कुछ नहीं। सुबह 11 बजे सोकर उठते हैं और मां-बाप की कमाई पर ऐश करते हैं। अपने बच्चों को एक आरामदायक ज़िंदगी देने की चाहत में माता-पिता ने परिवार के लक्ष्य को ही खत्म कर दिया है। 55 साल का बाप आज भी दिन में 10 घंटे काम कर रहा है, जबकि 25 साल का बेटा सिर्फ ज़िंदगी के मज़े ले रहा है।'
प्रेम सोनी की इस राय पर सोशल मीडिया पर लोग जमकर रिएक्शन दे रहे हैं। कुछ लोग उनकी बात से सहमत हैं, तो वहीं कई लोग इसके विरोध में हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि सभी को एक ही तराजू में नहीं तौलना चाहिए। इस पीढ़ी का काम और ज़िंदगी को देखने का नज़रिया बिल्कुल अलग है। वहीं कुछ ने कहा कि विरासत में मिली दौलत अच्छी बात है, लेकिन उसे बनाए रखने के लिए मेहनत भी करनी चाहिए।
