चीन के हान समुदाय में दुल्हन को दहेज में पोर्टेबल टॉयलेट देने की पुरानी प्रथा है। इसे जीवन की निरंतरता का प्रतीक मानकर शुभ वस्तुओं से भरा जाता है। आधुनिक टॉयलेट के आने से यह परंपरा अब घट रही है।

weird marriage rituals in the world: हर देश, जाति और धर्म में शादी (marriage) का अपना महत्व होता है। लोग अपनी संस्कृति और परंपरा के हिसाब से शादीशुदा जिंदगी में कदम रखते हैं। शादी के वक्त दहेज प्रथा आज भी कई जगहों पर चलन में है। भले ही लड़के वाले मांग न करें, फिर भी दुल्हन को तोहफे के रूप में गहने, गाड़ी जैसी लग्जरी चीजें दी जाती हैं। लेकिन एक देश ऐसा भी है जहां दुल्हन को दहेज के रूप में पोर्टेबल टॉयलेट (portable toilet) दिया जाता है।

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दहेज में मिलता है पोर्टेबल टॉयलेट

चीन (China) के हान समुदाय में यह रिवाज चलन में है। दुल्हन को दहेज के तौर पर पोर्टेबल टॉयलेट दिया जाता है। यह कोई हाल-फिलहाल में शुरू हुआ रिवाज नहीं है, बल्कि यह सबसे पुरानी और अहम परंपराओं में से एक है। वैसे, आज के आधुनिक समय में दहेज के रूप में पोर्टेबल टॉयलेट देने वालों की संख्या कम हो गई है।

पुराने जमाने में जब घरों में आधुनिक टॉयलेट या ड्रेनेज सिस्टम नहीं होते थे, तब यह पॉट महिलाओं के लिए बहुत काम का होता था। महिलाएं रात में बाहर जाने से बचने के लिए इसका इस्तेमाल करती थीं। समय के साथ, यह सिर्फ एक काम की चीज न रहकर एक रिवाज बन गया। इसमें जमा हुए इंसानी और जानवरों के मल को बाद में खेतों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।

यह एक तरह का पॉट होता है। दुल्हन को विदा करते समय माता-पिता इसे देते हैं। जिआंगसू और झेजियांग प्रांतों में, इस परंपरा को बहुत खास तरीके से निभाया जाता है। महिलाएं इस पोर्टेबल टॉयलेट को दुल्हन की पालकी के आगे अपने कंधे पर रखकर ले जाती हैं। जब यह दूल्हे के घर पहुंचता है, तो इसे खाली नहीं छोड़ा जाता। इसमें उबले हुए अंडे, खजूर, मूंगफली और दूसरे सूखे मेवों जैसी शुभ चीजें भरकर दी जाती हैं।

हान समुदाय के लिए यह पॉट गंदगी का प्रतीक नहीं है। बल्कि, यह जीवन की निरंतरता, घर की स्थिरता और महिलाओं की कुशलता को दिखाता है। इसे इस बात का प्रतीक माना जाता है कि एक महिला मुश्किल हालातों में भी अपने घर और जिम्मेदारियों को कितनी समझदारी से संभालती है।

यांगझोउ में, बैंगनी तांबे के पॉट का इस्तेमाल करने का रिवाज है। शादी के दिन इसे लाल रिबन से सजाया जाता है। इसके अंदर 13 लाल अंडे, टॉयलेट पेपर के दो बंडल, चॉपस्टिक के दो जोड़े और अखरोट और कमल के बीज जैसी चीजें रखी जाती हैं। इन चीजों को दूल्हा-दुल्हन के बिस्तर पर फैला दिया जाता है। ग्रामीण इलाकों में लोग अपने-अपने तरीके से इस रिवाज को निभाते हैं। उनका मानना है कि यह टॉयलेट तीन दिनों तक शुद्ध रहता है। कुछ इलाकों में तो एक छोटे लड़के को इस पॉट में पेशाब करने के लिए कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे भविष्य में दुल्हन को बेटा पैदा होगा। 1980 के दशक के बाद, जब ग्रामीण चीन में आधुनिक फ्लश टॉयलेट आम हो गए, तो यह परंपरा धीरे-धीरे खत्म होने लगी।