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Winter Festivals In India: नवंबर से फरवरी तक भारत में लगेगा रंगों और संस्कृति का मेला! इन 5 फेस्टिवल्स को न करें मिस
सर्दियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं? बर्फ और ठंडे मौसम के साथ-साथ भारत की संस्कृति को करीब से देखने का यह सही समय है। नवंबर से फरवरी के बीच होने वाले इन 5 खास फेस्टिवल्स में आपको जरूर जाना चाहिए।

सर्दियों की रौनक
सर्दियों का मौसम आते ही टूरिस्ट्स की भीड़ नई जगहों की तरफ निकल पड़ती है। ठंडे मौसम में नई जगहों को एक्सप्लोर करने के साथ-साथ वहां के कल्चर, आर्ट और लोकल फूड का मजा लेने के लिए नवंबर से फरवरी का समय सबसे शानदार होता है। राजस्थान के पुष्कर मेले से लेकर नागालैंड के आदिवासी कल्चर को दिखाते हॉर्नबिल फेस्टिवल तक, कई ऐसे इवेंट्स हैं जो टूरिस्ट्स का दिल जीत लेते हैं। ओडिशा के प्राचीन मंदिरों के बीच क्लासिकल डांस, जयपुर का इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल और गुजरात का रंग-बिरंगा काइट फेस्टिवल आपकी विंटर ट्रिप को एक अलग ही लेवल पर ले जाएंगे।

पुष्कर ऊंट मेला – राजस्थान
राजस्थान के पुष्कर शहर में लगने वाला ऊंट मेला देसी और विदेशी दोनों तरह के टूरिस्ट्स को खूब अट्रैक्ट करता है। पुष्कर मेले के नाम से मशहूर इस इवेंट में जानवरों की खरीद-फरोख्त के साथ-साथ राजस्थानी लोक संस्कृति, संगीत और ट्रेडिशनल मार्केट्स का शानदार नजारा देखने को मिलता है।
सजे-धजे ऊंटों की परेड, मूंछों का कॉम्पिटिशन और ट्रेडिशनल कपड़े पहने लोग इस मेले की रौनक बढ़ाते हैं। अगर आप लोकल लाइफस्टाइल को करीब से देखना चाहते हैं, तो यह मेला आपके लिए परफेक्ट है। आप पास ही मौजूद पुष्कर झील और ब्रह्मा मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं।
कब जाएं?
शेड्यूल के मुताबिक, 2026 में पुष्कर मेला 17 से 24 नवंबर तक चलेगा। ट्रिप पर जाने से पहले ऑफिशियल टूरिज्म वेबसाइट से डेट्स जरूर कन्फर्म कर लें। मेले के पास ही होटल बुक करने से आप इवेंट्स को आसानी से देख पाएंगे। सुबह के वक्त यहां का नजारा फोटोग्राफी के लिए एकदम परफेक्ट होता है।
हॉर्नबिल फेस्टिवल – नागालैंड
नागालैंड की संस्कृति और परंपराओं को एक ही मंच पर देखने का सबसे अच्छा मौका हॉर्नबिल फेस्टिवल है। कोहिमा के पास किसामा हेरिटेज विलेज में होने वाले इस इवेंट को 'फेस्टिवल्स का फेस्टिवल' भी कहा जाता है। यहां आप राज्य की अलग-अलग जनजातियों के लाइफस्टाइल, उनके ट्रेडिशनल कपड़े, कला, संगीत और डांस को करीब से देख सकते हैं।
इस फेस्टिवल में कल्चरल प्रोग्राम्स के अलावा हैंडीक्राफ्ट्स की दुकानें, लोकल फूड, स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन और म्यूजिक कॉन्सर्ट्स भी होते हैं। नागालैंड टूरिज्म के मुताबिक, 2026 का हॉर्नबिल फेस्टिवल 1 से 10 दिसंबर तक चलेगा। यहां टूरिस्ट्स की भारी भीड़ होती है, इसलिए होटल और ट्रांसपोर्ट की बुकिंग पहले ही कर लें। पहाड़ी इलाका होने की वजह से सफर में थोड़ा एक्स्ट्रा टाइम लेकर चलना बेहतर रहेगा।
कोणार्क डांस फेस्टिवल – ओडिशा
क्लासिकल डांस के शौकीनों के लिए ओडिशा का कोणार्क डांस फेस्टिवल एक बेहतरीन ऑप्शन है। कोणार्क सूर्य मंदिर के बैकग्राउंड में होने वाले इस इवेंट में देश के जाने-माने कलाकार अपनी परफॉर्मेंस देते हैं। यहां आपको ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, मणिपुरी और मोहिनीअट्टम जैसे डांस फॉर्म्स एक ही स्टेज पर देखने को मिलते हैं।
प्राचीन मंदिर की वास्तुकला, शाम का खुशनुमा मौसम और कलाकारों का डांस इस फेस्टिवल को बेहद खास बना देते हैं। दिन में आप सूर्य मंदिर घूम सकते हैं और शाम को डांस परफॉर्मेंस का मजा ले सकते हैं। पास ही मौजूद चंद्रभागा बीच और सैंड आर्ट एग्जीबिशन को भी अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। यह फेस्टिवल आमतौर पर 1 से 5 दिसंबर तक होता है। 2026 की डेट्स ओडिशा टूरिज्म से कन्फर्म कर लें। भुवनेश्वर एयरपोर्ट से कोणार्क आसानी से पहुंचा जा सकता है।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल – राजस्थान
किताबों और राइटिंग में दिलचस्पी रखने वालों के लिए जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल एक बड़ा इंटरनेशनल इवेंट है। हर साल अलग-अलग देशों के लेखक, कवि, इतिहासकार और जर्नलिस्ट इस मंच पर अपने विचार शेयर करते हैं। यहां साहित्य के अलावा इतिहास, राजनीति, साइंस, टेक्नोलॉजी और समाज से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होती है। नई किताबों के बारे में जानना और लेखकों को सुनना इस फेस्टिवल की सबसे बड़ी खासियत है।
जयपुर ट्रिप के दौरान आप शहर के ऐतिहासिक किले, महल और पुराने बाजार भी घूम सकते हैं। साथ ही प्याज कचौरी और दाल बाटी चूरमा का स्वाद लेना न भूलें। ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, 2027 का यह फेस्टिवल 14 से 18 जनवरी तक होगा। इवेंट्स की लिस्ट और रजिस्ट्रेशन की डिटेल्स पहले ही चेक कर लें ताकि आप अपने पसंदीदा सेशंस अटेंड कर सकें।
मकर संक्रांति और इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल – गुजरात
आसमान में पतंगें उड़ाते हुए फेस्टिवल का मजा लेना है, तो गुजरात का उत्तरायण आपके लिए बेस्ट है। मकर संक्रांति के मौके पर अहमदाबाद समेत कई इलाकों में छतों और खुले मैदानों में रंग-बिरंगी पतंगों की रौनक छा जाती है। इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में कई देशों के पतंगबाज हिस्सा लेते हैं। अलग-अलग शेप और डिजाइन वाली बड़ी-बड़ी पतंगें टूरिस्ट्स का दिल जीत लेती हैं। अहमदाबाद का साबरमती रिवरफ्रंट इस इवेंट का मेन सेंटर होता है।
पतंगों के अलावा यहां के लोकल फूड जैसे तिल की चिक्की, उंधियू और जलेबी का भी अपना अलग मजा है। मकर संक्रांति का यह समय देश के बाकी हिस्सों में भी फसल के त्योहार के रूप में मनाया जाता है, जैसे तमिलनाडु में पोंगल और असम में माघ बिहू।
2027 का इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 10 से 14 जनवरी तक साबरमती रिवरफ्रंट पर होगा। इस दौरान होटल्स की काफी डिमांड रहती है, इसलिए बुकिंग पहले ही करा लें। पतंग उड़ाते समय कांच वाले मांझे से बचें, क्योंकि इससे इंसानों और पक्षियों को गंभीर चोट लग सकती है।
विंटर ट्रिप के लिए परफेक्ट हैं ये फेस्टिवल्स
नवंबर से फरवरी के बीच भारत घूमने वालों के लिए ये 5 फेस्टिवल्स एक शानदार एक्सपीरियंस देते हैं। पुष्कर की राजस्थानी परंपरा, नागालैंड का आदिवासी कल्चर, कोणार्क का क्लासिकल डांस, जयपुर की साहित्यिक चर्चाएं और गुजरात की पतंगबाजी... हर फेस्टिवल आपको एक नई दुनिया में ले जाता है। बस अपनी ट्रिप प्लान करने से पहले ऑफिशियल डेट्स और बुकिंग्स जरूर कन्फर्म कर लें।