Types of Tomato: हर टमाटर की वैरायटी एक जैसी नहीं होती। चेरी, देसी, रोमा और हाइब्रिड टमाटर की अपनी अलग खासियत है। जानिए कौन-सी टमाटर की किस्म लंबे समय तक फल देती है और भरपूर पैदावार के लिए उसकी देखभाल कैसे करें।

Tomato Varieties: टमाटर लगभग हर भारतीय रसोई की सबसे जरूरी सब्जियों में से एक है। अच्छी बात यह है कि अब इसे सिर्फ खेतों में ही नहीं, बल्कि घर की छत, बालकनी और छोटे से गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है। बाजार में टमाटर की कई किस्में उपलब्ध हैं, लेकिन हर वैरायटी का स्वाद, आकार, उत्पादन और देखभाल अलग होती है। यदि आप सालभर ताजे टमाटर तोड़ना चाहते हैं, तो सही किस्म चुनने के साथ पौधे की उचित देखभाल भी बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं टमाटर की प्रमुख वैरायटी और उन्हें स्वस्थ रखने के आसान तरीके।

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कितने तरह के होते हैं?

  • चेरी टमाटर (Cherry Tomato): आकार में छोटे, स्वाद में हल्के मीठे और गमलों या बालकनी गार्डन के लिए बेस्ट है।
  • देसी टमाटर: खट्टे-मीठे स्वाद वाले, रोजमर्रा की सब्जी, सलाद और चटनी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं।
  • रोमा टमाटर (Roma Tomato): गूदेदार और कम बीज वाले, सॉस, प्यूरी और केचप बनाने के लिए बेहतरीन।
  • हाइब्रिड टमाटर: अधिक पैदावार देने वाली किस्म, रोगों के प्रति अपेक्षाकृत अधिक सहनशील और व्यावसायिक खेती में लोकप्रिय।
  • बीफस्टेक टमाटर (Beefsteak Tomato): बड़े आकार के, मोटे गूदे वाले, सैंडविच, बर्गर और सलाद के लिए उपयुक्त।
  • ग्रेप टमाटर (Grape Tomato): अंगूर जैसे आकार वाले छोटे टमाटर, स्नैक, सलाद और गार्निशिंग के लिए बेहतरीन।

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कौन-सी वैरायटी सालभर देती है फल?

अगर आप लंबे समय तक टमाटर की फसल लेना चाहते हैं, तो इंडिटर्मिनेट (Indeterminate) वैरायटी सबसे बेहतर मानी जाती है। इस प्रकार के पौधे लगातार बढ़ते रहते हैं और सही देखभाल मिलने पर कई महीनों तक फल देते हैं। चेरी टमाटर और कई हाइब्रिड इंडिटर्मिनेट किस्में सालभर उत्पादन देने की क्षमता रखती हैं। वहीं डिटर्मिनेट (Determinate) किस्में एक निश्चित समय तक ही फल देती हैं और फिर उनका उत्पादन बंद हो जाता है। इसलिए होम गार्डनिंग के लिए इंडिटर्मिनेट वैरायटी अधिक फायदेमंद रहती है।

भरपूर टमाटर पाने के लिए अपनाएं ये केयर टिप्स

टमाटर के पौधे को रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे की धूप मिलनी चाहिए। मिट्टी में अच्छी जल निकासी हो और उसमें गोबर की खाद या कम्पोस्ट नियमित रूप से मिलाते रहें। पौधे में फूल आने के बाद पोटाश युक्त खाद देने से फल अधिक लगते हैं। समय-समय पर सूखी पत्तियों की छंटाई करें और पौधे को सहारा देने के लिए स्टिक या ट्रेलिस का उपयोग करें। जरूरत के अनुसार ही सिंचाई करें, क्योंकि ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं और पौधे में रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है।

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इन बातों का रखें खास ध्यान

टमाटर के पौधे को स्वस्थ रखने के लिए कीट और फफूंद से बचाव करना भी जरूरी है। समय-समय पर नीम के तेल का स्प्रे करने से कई सामान्य कीटों से बचाव हो जाता है। यदि पौधे की पत्तियां पीली पड़ने लगें, तो खाद और पानी की मात्रा की जांच करें। सही किस्म का चयन, पर्याप्त धूप, संतुलित खाद और नियमित देखभाल के साथ आप अपने घर में लगभग पूरे साल ताजे, रसीले और स्वादिष्ट टमाटरों की भरपूर फसल ले सकते हैं।