बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानि अक्षय कुमार की बहुचर्चित फिल्म पैडमैन तो सभी ने देखी होगी। लेकिन इसको मध्यप्रदेश के एक छोटे से में रहने वाले शख्स भूपेन्द्र खोईवाल ने  इस फिल्म से इतना प्रभावित हुआ कि उसने भी पैडमैन बनने की ठान ली और एक यूनिट खड़ी कर दी।

नीमच (मध्यप्रदेश), बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानि अक्षय कुमार की बहुचर्चित फिल्म पैडमैन तो सभी ने देखी होगी। लेकिन इसको मध्यप्रदेश के एक छोटे से में रहने वाले शख्स भूपेन्द्र खोईवाल ने इस फिल्म से इतना प्रभावित हुआ कि उसने भी पैडमैन बनने की ठान ली और एक यूनिट खड़ी कर दी।

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सस्ते दाम पर महिलओं को दे रहे हैं पैड
दरअसल, नीमच जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर एक खोर गांव है। जहां के निवासी भूपेन्द्र खोईवाल ने ‘पैडमैन’ फिल्म देखने के बाद अपने गांव की महिलाओं के लिये भी वैसा ही करने का अपने मन में ठान लिया।अब वह सस्ते पैड बनाने की यूनिट स्थापित करके इलाके की सभी महिलाओं को सस्ते दाम पर ‘हाईजीन’ और 15 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।

पैसे उधार लेकर शुरु की यूनिट
उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया ‘‘मेरे परिवार ने मेरे विचार का समर्थन किया और यह यूनिट लगाने में मेरी आर्थिक सहायता भी की। इसके बाद मैंने बेटी के नाम पर यूनिट का नाम एश्वर्या रखा। सस्ते पैड बनाने की यह यूनिट मैंने छह माह पहले 3.5 लाख रुपये की लागत से स्थापित की हैं। इसके लिए मैंने परिवार से पैसे उधार लिएहैं।’’

बाजार से आधे रेट में देते हैं पैड
भूपेन्द्र ने कहा, ‘‘शुरुआत में तो गांव की महिलाएं इसमें आगे नहीं आईं। लेकिन बाद में मैं उनको समझाने में मैं सफल रहा और अब करीब 15 महिलाएं मेरे यहां काम कर रही हैं। मैंने मेरी कंपनी का नाम एश्वर्या इंटरप्राइजेस रखा है। हम 20 रुपए प्रति पैकेट की सस्ती दर पर पैड की बिक्री कर रहे हैं। एक पैकेट में आठ पैड होते हैं। जबकि हमारे जैसे ही पैड कीमत बाजार में 40 रुपए प्रति पैकेट है।’’

भोपाल से मिला 50 हजार पैड का ऑर्डर
आज उनकी टीम आसपास के गांवों में घर-घर पैड को बेचने के साथ ही इस मुद्दे पर लोगों को जागरुक करने का काम भी कर रही है। उनके एक सहयोगी ने बताया कि भूपेन्द्र ने भोपाल में एक विक्रेता को 50,000 पैड की आपूर्ति की और अब वह अपने काम के विस्तार की योजना बना रहा है। इसके लिये उसने चार माह पहले एक वित्तीय संस्थान से ऋण लेने के लिये आवेदन किया है।

कंपनी की एक महिला ने शेयर के अनुभव
उनकी कंपनी में काम करने वाली एक महिला भारती नागपाल ने कहा, ‘‘भूपेन्द्र ने मेरे जैसी कई महिलाओं को अपने साथ इस योजना में जोड़ा है। इससे हमें अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका मिला है। हम महिलाओं को सस्ते और स्वास्थ्यकर पैड उपयोग करने के लिये न केवल जागरुक कर रहें हैं बल्कि उनको कपड़े के उपयोग करने से होने वाले स्वास्थ्य के नुकसान के प्रति भी सचेत कर रहे हैं।’’