अरुण यादव खंडवा लोकसभा सीट से सांसद भी रहे हैं। वो यूपीए-1 में केन्द्रीय राज्य मंत्री थे। नगरीय निकाय चुनाव के प्रचार के लिए खंडवा पहुंचा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कांग्रेस नेता अरुण यादव को कहा कि आप कांग्रेस में क्या कर रहे हैं।

खंडवा (मध्यप्रदेश). महाराष्ट्र में शिवसेना विधायकों के बागी होने के बाद उद्धव ठाकरे की सरकार खतरे में हैं। वहीं, मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एमपी कांग्रेस के एक बड़े नेता को ऑफर दिया है। नगरीय निकाय चुनाव के प्रचार के लिए खंडवा पहुंचा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कांग्रेस नेता अरुण यादव को कहा कि आप कांग्रेस में क्या कर रहे हैं। अरुण यादव, कांग्रेस के कद्दावर नेता सुभाष यादव के बेटे हैं। उनके पिता दिग्विजय सिंह की सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कांग्रेस में चलता है केवल एक ही नाम
चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश कांग्रेस में केवल एक ही नाम चलता है। वो है कमलनाथ का। उन्होंने कहा कि पहले वो पार्टी के अध्यक्ष बन गए, फिर मुख्यमंत्री फिर नेता प्रतिपक्ष। वहां तो हर जगह केवल कमलनाथ ही हैं। अरुण भैया आप कांग्रेस में क्या कर रहे हैं आपको यहां कौन पूछ रहा है। 

जो अपनी सरकार नहीं बचा पाए वो महाराष्ट्र क्या बचा पाएंगे
कमलनाथ पर हमला बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जो अपनी सरकार को गिरने से नहीं बचा पाए वो महाराष्ट्र की सरकार को क्या बचा पाएंगे। बता दें कि महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान के बीच कांग्रेस में कमलनाथ को महाराष्ट्र कांग्रेस का ऑब्जर्वर नियुक्त किया था। कमलनाथ इस सिलसिले में महाराष्ट्र का दौरा कर चुके हैं।

शिवराज के खिलाफ चुनाव लड़े थे अरुण यादव
मध्यप्रदेश में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अरुण यादव को शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट से टिकट दिया था। हालांकि यहां अरुण यादव को हार का सामना करना पड़ा था। 

केन्द्र में मंत्री रहे हैं अरुण यादव
अरुण यादव खंडवा लोकसभा सीट से सांसद भी रहे हैं। वो यूपीए-1 में केन्द्रीय राज्य मंत्री थे। हालांकि 2014 और 2019 में लोकसभा का चुनाव हार गए थे। कमलनाथ ने विधानसभा चुनाव में अरुण यादव के छोटे भाई सचिन यादव को अपनी कैबिनेट में जगह दी थी। हालंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों के पाले बदलने से मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर गई थी। 

पार्टी से नाराजगी की भी खबरें
राज्यसभा चुनाव, खंडवा लोकसभा सीट पर उपचुनाव और नगरीय निकाय चुनाव में टिकटों के बंटवारे को लेकर अरुण यादव की नाराजगी भी सामने आई थी। बता दें कि अरुण यादव के पास लंबे समय से पार्टी में कोई बड़ा पद नहीं है।

इसे भी पढ़ें- भरी मीटिंग में फिर आया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुस्सा, बोले- CM हाउस में ही ये घटिया काम करते हो