सोनी के चर्चित क्राइम सीरियल 'क्राइम पेट्रोल' के अलावा मेरी दुर्गा, लाल इश्क आदि में काम कर चुकी 25 वर्षीय प्रेक्षा मेहता ने इंदौर स्थित अपने घर पर फांसी लगा ली। लॉकडाउन के चलते वो मुंबई से घर आ गई थी। अपने करियर को लेकर आशंकित प्रेक्षा परेशान थी। उसने सोशल प्लेटफॉर्म पर जिक्र किया था कि सबसे बुरा होता है सपनों का मर जाना। माना जा रहा है कि वो डिप्रेशन में थी।

इंदौर, मध्य प्रदेश. सोनी के चर्चित क्राइम सीरियल 'क्राइम पेट्रोल' के अलावा मेरी दुर्गा, लाल इश्क आदि में काम कर चुकी 25 वर्षीय प्रेक्षा मेहता ने इंदौर स्थित अपने घर पर फांसी लगा ली। लॉकडाउन के चलते वो मुंबई से घर आ गई थी। अपने करियर को लेकर आशंकित प्रेक्षा परेशान थी। उसने सोशल प्लेटफार्म पर इसका जिक्र किया है।

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2 साल पहले मुंबई गई थी
बताते हैं कि प्रेक्षा दो साल पहले मुंबई गई थी। इस दौरान उसने छोटे-छोटे कई काम किए। लॉकडाउन के चलते वो डिप्रेशन में थी। वो मुंबई से इंदौर लौट आई थी। प्रेक्षा के पिता ने बताया कि वो परेशान थी। सोमवार रात उसने फांसी लगा ली। मंगलवार सुबह घटना का पता चला। प्रेक्षा को फौरन अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। प्रेक्षा के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रेक्षा ने कई नाटकों और वीडियो एलबम में काम किया था। वो अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन में भी नजर आई थी।

इस बात का किया था जिक्र..
प्रेक्षा का इंदौर में बजरंग नगर में घर है। उनके पिता रवींद्र मेहता की जनरल स्टोर है। पिता ने बताया कि मुंबई में काम करके उनकी बेटी खुश थी। लेकिन जब वो लॉकडाउन के कारण इंदौर लौटी, तो मायूस थी। उसे लगता था कि अब शायद उसे काम मिलना मुश्किल होगा। हीरानगर पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रेक्षा ने दार्शनिक शैली में यह आखिरी बात सोशल प्लेटफार्म पर कही थी कि सबसे बुरा होता है..सपनों का मर जाना।