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दबंग लेडी ऑफिसर ने फिर की प्रशासन की नाक में दम, फेसबुक पर फैला दी सनसनी

कौन बनेगा करोड़पति-2011 में 50 लाख रुपए जीतकर चर्चाओं में आईं तहसीलदार अमिता सिंह उसके बाद से लगातार किसी न किसी विवाद में घिरती आ रही हैं। उन्होंने फिर से नया बखेड़ा कर दिया है। जानिए क्या है मामला...

Dabangg Lady Officer Tehsildar Amita Singh Tomar again In controversy
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Bhopal, First Published Dec 24, 2019, 2:15 PM IST
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भोपाल, मध्य प्रदेश. श्योपुर में पदस्थ तहसीलदार अमिता सिंह तोमर एक बार फिर से विवादों में हैं। ये वही अमिता सिंह है, जिन्होंने कौन बनेगा करोड़पति-2011 में हॉट शीट पर बैठकर 50 लाख रुपए जीते थे। इनकी बुद्धिमता की अमिताभ बच्चन ने भी तारीफ की थी। इस बार उन्होंने एक फेसबुक फ्रेंड की पोस्ट पर विवादास्पद कमेंट किया है। इस मामले की कड़ी आलोचना हो रही है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री कमलनाथ तक पहुंच गई है। मामला तूल पकड़ते देख कलेक्टर प्रतिभा पाल ने उन्हें नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने कहा कि उन पर धारा 144 के तहत भी एक्शन लिया जाएगा।


यह है ताजा मामला...
सैय्यद कासिफ अली निजवी ने संविधान के मुद्दे पर 21 दिसंबर को फेसबुक पर एक पोस्ट की थी। उन्हेांने लिखा कि "सही कहा था बाबा साहब ने, संविधान कैसा भी हो चलाने वाले सही होंगे तो संविधान अच्छा साबित होगा। अगर चलाने वाले बुरे होंगे तो अंतत: बुरा साबित होगा।' इस पोस्ट पर अमिता सिंह ने धर्म विशेष पर अभद्र टिप्पणी कर दी। बता दें कि अमिता सिंह अभी निर्वाचन शाखा में तैनात हैं।

मेनका गांधी पर किया था कमेंट
मप्र की दबंग लेडी अफसर ने हैदराबाद गैंग रेप मामले में भाजपा सांसद मेनका गांधी के बयान को आड़े हाथों लिया था। अमिता सिंह ने फेसबुक पर लिखा था-मेनका जी आप को जानवरों की फिक्र है, पर एक डॉक्टर आप की नजर में जानवर से भी बदतर है, धिक्कार है आप की सोच पर। उल्लेखनीय है कि हैदराबाद गैंग रेप के चारों आरोपियों के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद मेनका गांधी ने कहा था कि 'जो भी हुआ, वो इस देश के लिए बहुत भयानक है। आप कानून को हाथ में नहीं सकते हैं। आरोपियों को अदालत से तो फांसी मिलने ही वाली थी।

पहले भी विवादों में घिर चुकी हैं अमिता सिंह
अमिता सिंह ने कुछ समय पहले पूरे सिस्टम को भ्रष्ट करार देकर कमलनाथ सरकार पर उंगुली उठा दी थी। ऐसा पहली बार नहीं हुआ था। वे राजीव गांधी पर भी टिप्पणी कर चुकी थीं। एक बार तो उन्होंने घर में टॉयलेट न होने पर एक लड़की को चांटा तक दे मारा था। कुछ महीने पहले अमिता सिंह ने फेसबुक पर चाटुकारिता और भ्रष्टाचार बनाम शासकीय सेवा शीर्षक से एक पोस्ट लिखी थी। इसमें उन्होंने प्रदेशभर के तहसीलदारों को भ्रष्ट बताया था। अमिता सिंह ने लिखा था कि ऐसी व्यवस्था से घिन आती है। अमिता सिंह ने श्योपुर कलेक्टर के कामकाज पर उंगुली उठाई थी। उन्होंने लिखा था कि हम जैसे वरिष्ठ तहसीलदारों को परे हटाकर नए नए साहबानों को मुख्यालय में तहदीलदारों के पद से नवाज़ा जा रहा है। अमिता सिंह ने लिखा कि सीनियर्स तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को गाड़ी में बैठाकर घुमाते हैं।

राजीव गांधी पर की थी टिप्पणी
जून 2016 में अमिता सिंह ने फेसबुक पर मोदी की अफगानिस्तान यात्रा पर टिप्पणी की थी। उन्होंने लिखा था-'प्रधानमंत्री अफगानिस्तान गए, तो वहां के मुसलमानों ने भारत के झंडे लेकर सड़क पर वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे लगाए, इसलिए प्रधानमंत्री से अनुरोध है कि वे 'राजीव गांधी आत्महत्या योजना' शुरू करें, ताकि छद्म धर्मनिरपेक्ष और कांग्रेसी विचार वाले लोग यह खबर सुनकर आत्महत्या कर सकें।' अमिता की इस पोस्ट के बाद जबर्दस्त विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने पोस्ट डिलीट कर दी थी।

जब लड़की को मारा था चांटा
यह मामला  2017 का है। अमिता सिंह राजगढ़ की नरसिंहगढ़ में तहसीलदार थीं। यहां खुले में शौच को रोकने प्रशासन का रोको टोको अभियान चलाया जा रहा था। तब वार्ड 13 के बाराद्वारी क्षेत्र में रहने वाली एक लड़की सुनीता विश्वकर्मा उन पर चांटा मारने का आरोप लगाया था। दरअसल, सुनीता के परिजनों ने टॉयलेट निर्माण के लिए नगर पालिका में रुपए जमा कर दिए थे, लेकिन फिर भी टॉयलेट नहीं बन पाया था। अमिता सिंह इसके लिए लड़की के परिजनों को दोषी मान रही थीं।

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420 का लग चुका है आरोप
KBC जीतने के बाद 2012 में ग्वालियर की एक महिला ने अमिता सिंह पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। गीता कुशवाह ने कहा था कि ग्वालियर के सिटी सेंटर स्थित एक फ्लैट को बेचने के लिए अमिता ने 25 हजार रुपए एडवांस ले लिया और रजिस्ट्री भी नहीं करवाई। 

लगातार ट्रांसफर पर उठाए थे सवाल
यह बात 2017 की  है कि जब राजगढ़ जिले के ब्यावरा में तहसीलदार अमिता सिंह का ट्रांसफर सीधी जिले में कर दिया गया था। तब मप्र में शिवराज  सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे। अपने ट्रांसफर से अमिता सिंह काफी खफा थीं। उन्होंने ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी परेशानी बताई थी। उन्होंने ट्वीट किया, '13 साल की नौकरी के दौरान यह मेरा 25वां तबादला है। जब भी मेरा तबादला किया गया, हर बार मुझे 500 किलोमीटर दूर ही भेजा गया।' 

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