देश के तमाम राज्यों के साथ ही मध्य प्रदेश में भी लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। अकेले मध्य प्रदेश में बाढ़ के चलते 32 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को स्कूल से फंडावंदन करके लौट रहीं दो टीचर और ड्राइवर कार सहित पानी में बह गए। शुक्रवार को घटनास्थल से करीब 3 किमी दूर तीनों के लाश मिलीं। जानिए पूरा मामला..

उज्जैन. देश के तमाम हिस्सों की तरह मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश ने बाढ़ ला दी है। नदी-नाले उफान पर हैं। अकेले मध्य प्रदेश में बाढ़ के चलते 32 से ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। ऐसे ही एक हादसे में गुरुवार को स्कूल से झंडा वंदन करके लौट रहीं दो टीचर और उनका ड्राइवर कार सहित नाले में बह गए। उनकी तलाश के लिए रातभर रेस्क्यू चलाया गया, लेकिन शुक्रवार को घटनास्थल से करीब 3 किमी दूर तीनों के शव बरामद किए जा सके।

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उफनता नाला पार करना बना जानलेवा
शैलजा पारखी तिलक नगर इंदौर, जबकि नीता शेल्को उज्जैन की रहने वाली थीं। दोनों उज्जैन जिले के गांव बरखेड़ा बुजुर्ग के सरकारी स्कूल में टीचर थीं। 15 अगस्त के दिन झंडा वंदन करने के बाद वे अपने ड्राइवर के साथ कार से वापस रवाना हुईं। उनके साथ ही महिदपुर निवासी प्रियांशी तोमर भी एक बाइक पर बैठकर रवाना हुई थी। रास्ते में एक नाला मिलता है। बारिश के कारण वो उफान पर था। प्रियांशी सकुशल घर पहुंच गई। लेकिन दोनों टीचर, उनका ड्राइवर गायब हो गया। आशंका जताई जा रही है कि बहता नाला पार करने के चक्कर में उनकी कार बह गई।

भारी बारिश से उफनी नदियां
भारी बारिश कहर बनकर टूटी है। उत्तर प्रदेश के ललितपुर में माताटीला बांध से लगातार पानी छोड़े जाने से बेतवा और जामनी नदी उफान पर आने से रास्ते बंद हो गए। वहीं भोपाल-जबलपुर मार्ग, विदिशा-रायसेन नेशनल हाईवे भी बंद है। मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में कम दवाब का क्षेत्र बने होने से आगामी 24 घंटों में आगर-मालवा, मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, देवास, उज्जैन, नीमच, राजगढ़, सीहोर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, मुरैना, धार, अलीराजपुर, झाबुआ एवं बड़वानी में भारी बारिश की चेतावनी दी है।