एक लड़की पिछले 96 घंटे यानि करीब 8 दिन से भूखी-प्यासी 40 फीट गहरे कुएं में पड़ी थी। उसका एक पैर भी टूट चुका था और मूसलाधार बारिश का कहर भी जारी था। लेकिन उसने अपनी हिम्मत और जज्बे को बनाया रखा। जिसकी बदौलतो वो आज जिंदा है।

खरगोन (मध्य प्रदेश). 10 दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव कल समाप्त हो गया। भक्तों ने बड़ी धूमधाम से गाजे-बाजे के साथ बप्पा का विसर्जन किया। लेकिन एमपी में एक जगह गणेशजी को विसर्जित करते समय ऐसा मामला सामने आया जिसकी वजह से एक युवती की जिंदगी बच गई। अगर लोग उस जगह प्रतिमा का विसर्जन नहीं करते तो शायद वो युवती जिंदा नहीं होती।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

खटिया के जरिए लड़की को निकाला बाहर
दरअसल ये मामला मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में उस वक्त सामने आया जब कुछ लोग गणपित विसर्जन करने के लिए कुएं के पास पहुंचे थे। लोगों ने अंदर झांककर देखा तो वहां उन्हें एक लड़की दिखाई दी। पहले तो सब हैरान हुए कि यहां लड़की कैसे आ सकती है। फिर लोगों ने अवाज लगाई तो युवती भी चिल्लाने लगी। किसी तरह ग्रामीणों ने उसको खटिया के जरिए ऊपर लाए। 

96 घंटे से कुएं में पड़ी थी लड़की
 लड़की को निकलाने के बाद पता चला कि वो पिछले 96 घंटे यानि करीब 6 दिन से भूखी-प्यासी 40 फीट गहरे कुएं में पड़ी थी। लेकिन युवती ने अपने अंदर जीने के जज्बा को बरकरार रखा जिसकी बदौलत वो आज जिंदा है। युवती की उम्र 16 साल है। बताया जाता है कि वो रविवार के दिन अपने घर से निकली थी। गिरने की वजह से उसका एक पैर भी टूट गया है।

हिम्मत और जज्बे से जिंदा बची लड़की
लड़की का जज्बा तो देखो पैर टूटने और अंधेरा हो जाने के बात भी वह अपनी हिम्मत नहीं हारी। इतनी मूसलाधार बारिश हो जाने के बाद भी उसने अपने हौसलों को बनाया रखा। जब उसको बाहर निकाला तो वह कांप रही थी। फिलहाल उसका पास के अस्पताल में इलाज चल रहा है। युवती की मां ने बताया कि वो शौच के लिए बाहर निकली थी। लेकिन वो 5 से 6 दिन हो जाने के बाद भी घर नहीं लौटी थी।