अमित ​सिंह के इस पहल की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है। तस्वीर में वर्दीधारी पुलिस अधीक्षक और टेबल पर बैठी एक मासूम नजर आ रही है। तस्वीर पुलिस अफसर की सहृदयता की कहानी कह रही है।


जबलपुर: खाकी वर्दी वालों को आमतौर पर कड़क और रूखे स्वभाव का माना जाता है। उनका पेशा उन्हें ऐसा बनने के लिए मजबूर करता है। लेकिन उनके दिल में भी कहीं न कहीं भावनांए होती है। इसका प्रमाण हैं जबलपुर के एसपी अमित सिंह। इन्होंने एक हत्यारे की बेटी के पुलिस अधिकारी बनने के सपने को पूरा करने का बीड़ा उठाया है। एसपी अमित सिंह इस 7 वर्षीय बच्ची की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे, साथ ही उसे हफ्ते में एक दिन अपने घर पर भी रखेंगे। अमित सिंह के इस पहल की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। एक ऐसै पुलिस अफसर की सहृदयता की कहानी जो लोगों के लिए मिसाल है। 

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मासूम की कहानी अधिकारी के मन को छू गई 

एक मासूम की हत्या के केस की तहकीकात के दौरान, पुलिस अधीक्षक की रोशनी से बात हुई। उसने जो हकीकत बयां की, उसे सुनकर एसपी उस बच्ची को अपने साथ लाने से रोक नहीं पाए। उसने बताया कि किस तरह उसके पिता ने शराब के नशे में आकर, उसकी डेढ़ साल की बहन कि जमीन पर पटककर हत्या कर दी थी। बच्ची की मां इन दिनों अस्पताल में है और पिता हत्या के मामले में जेल में बंद है और उसे नारी निकेतन में रखा गया है।


बच्ची के जवाबों ने पुलिस अधिकारी को किया प्रभावित

एसपी अमित सिंह ने कहा,"जब मैंने बच्ची से जब बात कि तो उसने पुलिस में जाने की इच्छा जाहिर की। इसलिए मैं चाहता हूं कि वह पुलिस अधिकारी बने। हम उसके सपने को पूरा करने का प्रयास करेंगे। सप्ताह में एक दिन मेरे परिवार के साथ बिताकर, वह सहज तो होगी ही साथ ही एक पुलिस अफसर के परिवार को करीब से समझ भी सकेगी।"