सीएम शिवराज मंडला जनजातीय गौरव सप्ताह के समापन अवसर पर यहां पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आदिवासियों के विकास के लिए कई फैसले किए। साथ ही कहा कि आदिवासी भाइयों के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

इंदौर (मध्य प्रदेश). भोपाल की हबीबगंज (Habibganj) रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति (rani kamlapati railway station) हो गया है। लेकिन अब मध्य प्रदेश सरकार कई जगहों के नाम बदलने की तैयारी कर ली है। सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan ने इंदौर के दो प्रमुख्य स्पॉट के नाम बदलने का ऐलान किया।

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इंदौर की दो जगह के बदले नाम
दरअसल, सीएम शिवराज सोमवार को मंडला जिले के दौरे पर पहुंचे हुए थे। जहां उन्होंने एक आदिवासी समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान सीएम ने इंदौर के भंवरकुआं चौराहा के नाम बदल कर कहा कि अब ये जगह 'द नायक टंट्या भील' नाम से जाना जाएगा। इसके अलावा एमआर 10 के बस स्टैंड का नाम भी बदलकर टंट्या मामा होगा।

सीएम ने आदिवासियों के लिए कई ऐलान
सीएम ने कहा कि इंदौर में 53 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बस स्टैंड और पातालपानी रेलवे स्टेशन का नाम टंट्या मामा के नाम पर रखा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं गोंडवाना के गौरव को पुनर्स्थापित करूंगा। पूरी दुनिया जानेगी कि गोंडवाना कैसा था!। मुख्यमंत्री ने राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बारे में भी लोगों को बताया। सीएम ने कहा कि यह दोनों को आजादी की लड़ाई लड़ने के कारण अंग्रेजों ने तोप से बांधकर उड़ा दिया था। उनके गौरव को स्थापित करने के लिए उनकी प्रतिमा की स्थापना होगी।

आदिवासियों के लिए सीएम ने खोले सभी दरवाजे
 बता दें कि सीएम शिवराज मंडला जनजातीय गौरव सप्ताह के समापन अवसर पर यहां पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आदिवासियों के विकास के लिए कई फैसले किए। साथ ही कहा कि आदिवासी भाइयों के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

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