मध्य प्रदेश में कोरोना केस लगातार बढ़ने के बाद शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक की और कोरोना के प्रसार को रोकने के संबंध में अफसरों से सुझाव लिए। 

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना केस लगातार बढ़ रहे हैं। शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की और कोरोना के प्रसार को रोकने के संबंध में अफसरों से सुझाव लिए। इसके बाद निर्णय लिया कि प्रदेश में 15 जनवरी से 31 जनवरी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे। प्रदेश में मेले और रैलियां भी प्रतिबंधित रहेंगी। सिर्फ हॉल में कार्यक्रम हो सकेंगे। बैठक क्षमता 50 प्रतिशत रहेगी और अधिकतम 250 लोग ही शामिल हो सकते हैं। 

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शिवराज का कहना था कि राज्य में बड़ी सभाएं और आयोजन प्रतिबंधित किए जा रहे हैं। खेल गतिविधियां 50 प्रतिशत क्षमता से होंगी। इसमें सिर्फ खिलाड़ी रहेंगे। किसी दर्शक को एंट्री नहीं दी जाएगी। जो प्री-बोर्ड परीक्षाएं 20 जनवरी से थीं, उनके टेक होम एग्जाम होंगे। यानी घर से पेपर सॉल्व करके देना होगा। जबकि धार्मिक स्थल खुले रहेंगे और मकर संक्रांति के स्नान पर भी रोक नहीं रहेगी। इससे पहले सीएम ने लगातार बढ़ते कोरोना के आंकड़े पर फीडबैक लिया। इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह ने सीएम के सामने सुझाव रखा। उनका कहना था कि हमने सख्ती बढ़ाई तो संक्रमण की दर कम हो सकती है। अगर सख्ती नहीं बढ़ाई तो रोज के आंकड़े 10 हजार के पास आएंगे। जानकारी दी गई कि प्रदेश में 80 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं।

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शिवराज ने ये भी कहा...

  • सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जिला, विकासखंड, वार्ड और ग्राम स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों को संबोधित किया।
  • शिवराज ने कहा- यदि लक्षण थोड़े ज्यादा हैं तो होम आइसोलेशन के बजाय कोविड केयर सेंटर में भर्ती हो जाएं। कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन सुनिश्चित करवाना जरूरी है। पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट टीम भी लोगों को जागरुक करें।
  • क्राइसिस मैनेजमेंट टीम इस पर ध्यान दें कि यदि किसी को सर्दी-जुकाम के लक्षण हैं तो उसकी जांच जरूर करवाएं। हमें टीकाकरण के संपूर्ण लक्ष्य के लिए भी प्रयास बढ़ाने होंगे। जिन्हें टीका अब तक नहीं लगा है, उन्हें ढूंढकर टीका लगवाएं।
  • हल्के लक्षणों वाले जो लोग घर में ही आइसोलेट हैं, उन्हें कोरोना से बचाव की आवश्यकता किट पहुंच जाए। शहरों में जिम्मेदारी वार्ड स्तर पर और गांव में ग्राम पंचायतों की है, इसकी कमेटी सक्रिय रहें। 
  • अभी राज्य में 3.3 प्रतिशत मरीज ही एडमिट हैं। चिंता नहीं करना है, लेकिन असावधान नहीं होना है, इसलिए सजग रहें। सावधानी से ही हम सब इसे रोक सकेंगे। 
  • सीएम ने पूछा कि व्यक्ति के पॉजिटिव आने पर क्या कार्यवाही की जाती है? संबंधित अधिकारी ने बताया कि सूची आते ही तत्काल शत-प्रतिशत पॉजिटिव लोगों को मेडिकल किट प्रदान की जाती है, समझाइश का पैंफलेट भी देते हैं। फोन से संपर्क रखते हैं। 

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