मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय चुनावों में बीजेपी की  महाकौशल इलाके में हार हुई है। यहां जबलपुर नगर निगम को कांग्रेस ने 23 साल बाद जीत दर्ज की है।  कांग्रेस महापौर प्रत्याशी जगत बहादुर अन्नू जीत गए हैं। उनसे बीजेपी प्रत्याशी डॉ जितेंद्र जामदार हार गए हैं। 

जबलपुर. मध्य प्रदेश में हुए नगरीय निकाय चुनाव के फेज का रिजल्ट आज रविवार को आ गए हैं। वहीं जबलपुर नगर निगम कांग्रेस के खाते में चला गया है। यहां कांग्रेस के प्रत्याशी जगत बहादुर सिंह को जीत मिली है। उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी डा. जितेंद्र जामदार को करारी हार दी है। बता दें कि कांग्रेस को यह 23 साल बाद जीत दर्ज की है। जबकि जबलपुर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का ससुराल है, लेकिन यहां पार्टी महापौर का चुनाव हार गई है।

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बीजेपी ने इस सीट के लिए लगाया था दमखम
बता दें कि महाकौशल यानि जबलपुर भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता है। जबलपुर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यत्र जेपी नड्डा का ससुराल भी है। इतना ही नहीं यहां पर संघ का क्षेत्रीय मुख्यालय भी हैं। विधानसभा हो या लोकसभा यहां अक्सर बीजेपी का प्रत्याशी ही चुनाव जीतता है।
2009 से 2015 तक बीजेपी का महापौर अभी तक था। इतना ही नहीं यहां बीजेपी प्रत्याशी डॉ जितेंद्र जामदार के लिए बीजेपी के दिग्गजों ने खूब दम लगाया था। लेकिन अब कांग्रेस ने सीट अपने कब्जे में कर ली है।

कौन हैं जगत बहादुर
जबलपर में कांग्रेस पार्टी से मेयर बने जगत बहादुर सिंह एक कारोबारी हैं। उन्होंने रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी से बीकॉम की डिग्री हासिल की है। जगत बहादुर द्वारा चुनावी हलफनामे में बताया गया है कि उनकी सालाना आय 7 लाख रुपए है। उनकी कुल चल-अचल संपत्ति 3 करोड़ 65 लाख रुपए की है। जगत बहादुर ने बैंक से 1 करोड़ 85 लाख रुपए लोन भी लिया है। उनके उपर कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है।

जीत के बाद यह बोले मेयर जगत बहादुर सिंह
कांग्रेस की इतिहासिक जीत के बाद जबलपुर के मेयर बने जगत बहादुर अन्नू सिंह ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि हम पूरी ताकत लगाकर जबलपुर का विकास करने का काम करेंगे। जबलपुर को महानगर बनाएंगे। विकास की पथ पर अब जबलपुर नई गाथा लिखेगा। यह मेरी अकेली नहीं, बल्कि कांग्रेस के एक-एक कार्यकर्ता की है।

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