लोकसभा चुनाव के दौरान प्रज्ञा ठाकुर ने मुंबई एटीएस के पूर्व प्रमुख हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान दिया था। प्रज्ञा ने कहा था कि करकरे ने उन्हें प्रताड़ित किया था और उन्होंने करकरे को श्राप दिया था इसलिए आतंकवादियों ने करकरे को मार दिया।

भोपाल. बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने एक बार फिर से अपने बयान के चलते सुर्खियों में बनी हुई हैं। भाजपा के 2019 में कई वरिष्ठ नेताओं का निधन हो गया, जिस पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इसके पीछे विपक्ष का हाथ बताया है। उनका मानना है कि विपक्ष पार्टी के नेताओं पर तांत्रिक क्रिया 'मारण शक्ति' का प्रयोग कर रही है। दरअसल, प्रज्ञा ने सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली और मप्र के पूर्व सीएम बाबू लाल गौर की श्रद्धांजलि सभा रखी थी। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत भी की थी। 

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एक महाराज ने दी थी प्रज्ञा को जानकारी 

प्रज्ञा ने कहा कि जब वे लोकसभा चुनाव लड़ रही थीं तो उनके पास एक महाराज आए थे। उन्होंने सांसद से बताया था कि वे अपनी साधना कम ना करें बल्कि साधना का समय बढ़ाते रहें। बहुत बुरा समय है, विपक्ष ऐसी मरण शक्ति का प्रयोग कर रहा है, जिससे भाजपा का नुकसान हो। निश्चित रूप से भाजपा के कर्मठ, योग्य और ऐसे लोगों पर असर करेगा, जो भाजपा को संभालते हैं।

राकेश सिंह ने प्रज्ञा का किया बचाव

सभा में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह, सांसद प्रभात झा, कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव सहित प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद थे। राकेश सिंह ने इस दौरान प्रज्ञा का बचाव करते हुए कहा कि उनके इस बयान को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।

पहले भी दे चुकी हैं विवादित बयान 

लोकसभा चुनाव के दौरान प्रज्ञा ठाकुर ने मुंबई एटीएस के पूर्व प्रमुख हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान दिया था। प्रज्ञा ने कहा था कि करकरे ने उन्हें प्रताड़ित किया था और उन्होंने करकरे को श्राप दिया था इसलिए आतंकवादियों ने करकरे को मार दिया। हालांकि, बाद में प्रज्ञा ने अपने इस बयान पर माफी भी मांगी थी।