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इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था ये स्टूडेंट, हुआ कुछ ऐसा.. खुद से करने लगा नफरत, फिर उठाया खौफनाक कदम

पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। मां और पापा मुझे माफ कर दो। मैं टूट चुका हूं। मैं नहीं जानता कि मुझे क्या कहना चाहिए। आप तीनों (बहन भी) को बहुत सारा प्यार। तीन साल में मैं पागल हो चुका हूं। मैंने खुद से नफरत करना शुरू कर दिया है। मैं जानता हूं कि ये आप तीनों के लिए दर्द भरा होगा। आपको आगे बढ़ना ही होगा, लेकिन मेरी तरह नहीं।

The student was in depression due to the closure of Pabji, killed the poison asa
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Indore, First Published Jan 7, 2021, 11:32 AM IST
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इंदौर (Madhya Pradesh) । पबजी बंद होने से डिप्रेशन में गए इंजीनियरिंग के छात्र ने सुसाइड कर लिया। उसने पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें उसने लिखा था कि मां और पापा मुझे माफ करना। मैं तीन साल में पागल हो चुका हूं। मैंने खुद से नफरत करना शुरू कर दिया है। यह घटना सिंधी कॉलोनी के बॉयज होस्टल में मंगलवार की है। जिसके बाद आज उसका  सिंगरौली आज अंतिम संस्कार किया गया। 

यह है पूरा मामला
सिंधी कॉलोनी के बॉयज होस्टल में रहने वाले 21 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र विकास तिवारी ने मंगलवार को जहर खाकर खुदकुशी कर ली। वो सिंगरौली के छितरंगी का रहने वाला था। उसके पिता धर्मराज तिवारी प्रिंसिपल हैं। जिन्होंने इंदौर की एक बड़ी कोचिंग एकेडमी में उसका एडमिशन कराया था।

सुसाइड नोट में लिखी ये बातें
पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। मां और पापा मुझे माफ कर दो। मैं टूट चुका हूं। मैं नहीं जानता कि मुझे क्या कहना चाहिए। आप तीनों (बहन भी) को बहुत सारा प्यार। तीन साल में मैं पागल हो चुका हूं। मैंने खुद से नफरत करना शुरू कर दिया है। मैं जानता हूं कि ये आप तीनों के लिए दर्द भरा होगा। आपको आगे बढ़ना ही होगा, लेकिन मेरी तरह नहीं। आप खुद को मजबूत बनाना। मैं लिख रहा हूं, लेकिन मेरे हाथ हिल रहे हैं। मैं जानता हूं कि आप नहीं पढ़ सकते। कोई ना कोई तो आपके लिए पढ़ेगा। मैं जानता हूं। मैं एक बार फिर से एक बार आपसे माफी मांग रहा हूं। गुड बाय।

पुलिस की जांच में ये बातें आईं सामने
जूनी इंदौर पुलिस के अनुसार चार दिन पहले ही वह पिता के साथ इंदौर आया था। फिर वे चले गए। तब तक विकास काफी अच्छा था, लेकिन पता नहीं था कि वह अंदर ही अंदर घुट रहा था। परिवार के लोगों के मुताबिक विकास का आईआईटी दिल्ली में एडमिशन हो गया था। लेकिन, मनपसंद ब्रांच नहीं मिलने से आईआईटी दिल्ली छोड़ जीएसआईटीएस में दाखिला ले लिया था। यहीं पर उसे पबजी खेलने की लत लग गई। फेल होने के कारण उसे कॉलेज भी छोड़ना पड़ा। जब पबजी बंद हुआ तो वह डिप्रेशन में चला गया। 

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