जर्जर पुल पर असावधानी से बाइक निकालना खतरनाक साबित हुआ। संतुलन बिगड़ने से बाइक पुल से नीचे क्षिप्रा नदी में जा गिरी। इस हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई। हालांकि एक शख्स और बच्ची की जान बच गई। जिस शख्स की जान बची, वो पुल पर उतरकर पीछे-पीछे पैदल आ रहा था। तभी उसने बाइक को नदी में गिरते देखा। उसने छलांग मारकर बच्ची को बचा लिया। लेकिन दोनों युवक तेज बहाव में बह गए।

इंदौर, मध्य प्रदेश. जरा-सी लापवाही कितने बड़े हादसे को जन्म दे देती है, यह घटना यही बताती है। रविवार शाम सेम्ल्या चाऊ स्थित क्षिप्रा (Kshipra river ) के जर्जर पुल पर हुए हादसे में एक बाइक नदी में जा गिरी। इसमें 2 युवकों की मौत हो गई। हालांकि एक शख्स और बच्ची की जान बच गई। जिस शख्स की जान बची, वो पुल पर उतरकर पीछे-पीछे पैदल आ रहा था। तभी उसने बाइक को नदी में गिरते देखा। उसने छलांग मारकर बच्ची को बचा लिया। लेकिन दोनों युवक तेज बहाव में बह गए। एनडीआरएफ (National Disaster Response Force) की टीम युवकों को तलाशती रही। बाइक सवार अपने रिश्तेदार के यहां से लौट रहे थे।

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ऐसे हुआ हादसा...
खुडैल टीआई रूपेश दुबे के ने बताया कि बाइक सवार 4 लोग तीन साल की मासूम अमृता, 39 साल का रमेश और दो अन्य जगदीश और कालू हरनखेड़ी जा रहे थे। ये लोग हरनखेड़ी में प्रवीण पाटीदार नामक शख्स के खेतों पर मजदूरी करते हैं। सभी लोग बरोठा में अपने रिश्तेदार के यहां से लौट रहे थे। तभी यह हादसा हुआ। इसमें रमेश और अमृता की जान बच गई। वहीं जगदीश और कालू तेज बहाव में बह गए।


रमेश ने बताया कि बाइक नदी में गिरते ही उसने छलांग मारकर बच्ची को पकड़ लिया। उसे लगा कि जगदीश और कालू खुद निकल आएंगे, लेकिन वे बह गए। इसके बाद रमेश ने लोगों से मदद मांगी। पुलिस को सूचना दी गई।