भोपाल में अगर ट्विश शर्मा ने दहेज से प्रताड़ित होकर सुसाइज किया तो यह आज 21वीं सदी में समाज पर सबसे बड़ा धब्बा है। यह कहना बिलकुल हम चाहे कितना भी विकास कर लें, समाज के रूप में हम हमेशा पिछड़े ही रहेंगे। तो आइए जानते हैं कहीं आपकी बेटी तो ट्विशा की तरह प्रताडित तो नहीं हो रही। 

Dowry Harassment Signs : भोपाल के ट्विशा शर्मा सुसाइड केस ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह इसलिए और अहम है कि मृतका का ससुराल न्यायपालिका और सेना से जुड़ा होने के बाद भी दहेज की जंजीरों से जकड़ा हुआ है। क्योंकि ट्विशा के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ित किया जा रहा था। यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक हत्या है। वह बेटी की मौत का खुद को भी जिम्मेदार मानते हैं। उनका कहना कि हम उसके दर्द को समज नहीं पाए, अगर उसकी बातों को मान लेते शायद वो आज जिंदा होती। तो आइए जानते हैं कहीं आपकी बेटी भी तो ट्विशा की तरह दहेज के लिए प्रताड़ित नहीं हो रही। इन संकेतों को बिलकु इग्नोर नहीं करें।

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पहला संकेत

  • अगर आपकी बेटी ससुराल में मानसिक, शारीरिक या भावनात्मक प्रताड़ना का शिकार हो रही है, तो उसके स्वभाव और दिनचर्या में अचानक बदलाव आने लगेंगे।

दूसरा सकेंत

  • ससुराल वाले आपकी बेटी को किसी तरह से शारीरिक शोषण कर रहे हैं तो उसके शरीर पर बिना किसी कारण के खरोंच, नीले निशान या चोट के घाव दिखेंगे।

तीसरा संकेत

  • अक्सर देखा जाता है कि जब कोई महिला प्रताड़ित होती है तो वह अपने दोस्तों, परिवार और सामाजिक गतिविधियों से दूरी बनाने लगती है।

चौथा संकेत

  • शादी से पहले आपकी बेटी जो ज्यादा बोलती थी, फिर अचानक से उसके स्वभाव में बदलाव आ जाए। या फिर कम बातें करें, तो समझ लेना की वो किसी परेशानी से गुजर रही है।

पांचवा संकेत

  • अगर आपकी बेटी कभी आपसे अपने ससुराल या पति के बारे में दहेज मांगने की बात करे तो उसको इग्नोर नहीं करना। उसके ससुराल वालों को समझाएं या पुलिस से इसकी शिकायत करें। कम से कम आपकी बेटी जिंदा तो रहेगी।

ट्विशा के पिता ने जो किया वो गलती नहीं करना

ट्विशा के पिता भी रोते हुए बोले-वो तलाक की बात कर रही थी, कह रही थी, ‘पापा, अगर बात नहीं बनी तो मैं उसे छोड़ दूंगी। मैं पीछे नहीं हटूंगी,। लेकिन हम समाजिक परंपरा में बंधने की वजह से बेटी को यहां से लेकर नहीं जा पाए। हम सोचते थे कि रिश्तेदार और समाज के लोगों को क्या जबाव देंगे। वहीं पिता ने इसके लिए मध्यमवर्गीय मानसिकता और सामाजिक दबाव को दोषी ठहराया, जिसके चलते हर कीमत पर शादी को बचाने की कोशिश की गई।