Twisha Sharma suicide case : भोपाल की पूर्व जिला जज की बहू ट्विशा शर्मा के सुसाइड केस को लेकर हंगामा जारी है। मृतका के परिजन बेटी को न्याय दिलाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। क्योंकि टिशा के माता-पिता ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बताया है।
Bhopal Twisha Sharma Controversy : भोपाल का चर्चित एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा सुसाइड केस ने तूल पकड़ लिया है। यह इसलिए और चर्चा में है कि मृतका की सास गिरबिला सिंह जज रह चुकी हैं और पति वीकल, फिर वह ससुराल वालों द्वारा मानसिक यातना और दहेज उत्पीड़न का सामना कर रही थी। ट्विशा के माता-पिता पिछले 8 दिन से नोएडा से भोपाल आए हुए हैं। वह पुलिस-प्रशासन और मध्य प्रदेश सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए एक ही बात कह रहे हैं कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है। पढ़िए ट्विशा के पैरेंट्स खासकर एक बिलखती मां का दर्द...जो आंसु बहाते हुए कह रही हैं कि अगर मैंने बेटी की बात मान ली होती तो शायद वो आज जिंदा होती।

ट्विशा ने मौत से पहले 5 दिन पहले मां को बताया सबसे बड़ा सच
- दरअसल, ट्विशा की व्हाट्सएप चैट सामने आई है। जिसमें उसने अपनी मां को लिखते हुए कहा था कि वह एक नाखुश शादी में "फंसी" हुई महसूस कर रही है। वो शादी के बाद से ही ससुराल वालों द्वारा मानसिक यातना और दहेज उत्पीड़न का सामना कर रही थी। वहीं ट्विशा की मां रेखा शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा- "मुझे बहुत अफसोस है कि मैं उसका दर्द नहीं समझ सकी।
- मां ने कहा-हमारी भी इसमें गलती है कि हमें ट्विशा को उस जगह से निकाल लेना चाहिए था। हमें बेटी को उस घर में नहीं छोड़ना चाहिए था। क्योंकि ट्विशा ने मौत से 5 दिन पहले 7 मई को लिखा था- आप यहां आइए और मुझे यहां से लेकर जाओ, आपने भोपाल क्यों भेजा। मैं यहा नहीं रहना चाहती हूं।
मां के लव यू से ट्विशा के पति को होती थी जलन
ट्विशा ने चैट के जरिए मां को यह भी बताया था कि कैसे उसका पति समर्थ, जो एक वकील है, घर से फोन आने पर हर बार उसे ताना मारता था। मां ने बताया कि ट्विशा कहती थी कि “वो (समर्थ) मुझे बार-बार ताना मारता रहता है, कहता है, ‘मम्मी बहुत ज्यादा फोन करती है।’ जब मैं अपने मैसेज के आखिर में ‘लव यू, टुकटुक’ या ‘मिस यू, टुकटुक’ लिखती हूं, तो समर्थ सिंह चिढ़ जाता था और कहता था, ‘तेरी मम्मी ‘लव यू’ और ‘मिस यू’ बहुत ज्यादा लिखती है,’”
पापा मैं उसे छोड़ दूंगी, लेकिन नहीं समझ पाए पिता
- ट्विशा के पिता भी रोते हुए बोले-वो तलाक की बात कर रही थी, कह रही थी, ‘पापा, अगर बात नहीं बनी तो मैं उसे छोड़ दूंगी। मैं पीछे नहीं हटूंगी,। लेकिन हम समाजिक परंपरा में बंधने की वजह से बेटी को यहां से लेकर नहीं जा पाए। हम सोचते थे कि रिश्तेदार और समाज के लोगों को क्या जबाव देंगे। वहीं पिता ने इसके लिए मध्यमवर्गीय मानसिकता और सामाजिक दबाव को दोषी ठहराया, जिसके चलते हर कीमत पर शादी को बचाने की कोशिश की गई।
- ट्विशा के पिता ने यह भी बताया कि हमारी परंपरा की सबसे बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बातों में से एक यह है कि हर मध्यमवर्गीय परिवार चाहता है कि शादी सफल हो। दबाव - सामाजिक दबाव - इतना अधिक होता है: लोग कहते हैं कि अभी तो सिर्फ पांच महीने ही हुए हैं; आखिर क्या गड़बड़ हो सकती है? समस्या क्या थी? यह तो नई शादी है - कोई बात नहीं, चलो कोई हल निकालते हैं। चलो सकारात्मक पक्ष पर ध्यान देते हैं। कोई यह सोचता भी नहीं कि शादी यूं ही टूट जाए,” पिता ने यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या परिवार ने ट्विशा पर शादी में तालमेल बिठाने का दबाव डाला था।


