एमवायएच के तलघर स्थित वॉर्डों में सबसे खराब स्थिति देखी गयी। बेसहारा मरीजों के लिये तलघर में बनाये गये "सहारा" वॉर्ड में घुटने-घुटने तक पानी भरा देखा गया। अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा विभाग में भी बारिश का पानी भरा देखा गया।

इंदौर. भारी बारिश के बाद यहां शुक्रवार को सरकारी महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय के कुछ वॉर्डों में पानी भर गया और मरीजों को परेशान होते देखा गया। एमवायएच प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एमवायएच के तलघर स्थित वॉर्डों में सबसे खराब स्थिति देखी गयी। बेसहारा मरीजों के लिये तलघर में बनाये गये "सहारा" वॉर्ड में घुटने-घुटने तक पानी भरा देखा गया। अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा विभाग में भी बारिश का पानी भरा देखा गया।

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अस्पताल प्रशासन की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा 
चश्मदीदों ने बताया कि एमवायएच के प्रभावित वॉर्डों में छत से टपकते पानी के बीच ही मरीज अपना इलाज कराने को मजबूर थे। अस्पताल के डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ भी इसी माहौल में काम करते नजर आये। सूत्रों ने बताया कि बारिश का पानी भरने से प्रभावित वॉर्डों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गयी ताकि वहां करंट ना फैले। वरना करेंट फैलने से अस्पताल में बड़ा हादसा हो सकता था।हालांकि इस वजह से इन वॉर्डों में मरीज अंधेरे में लेटे रहे।

एमवायएच, शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से जुड़ा है। महाविद्यालय की डीन ज्योति बिंदल ने कहा कि एमवायएच की इमारत दशकों पुरानी है और इसकी छत से पानी रिसता है। हमने इंदौर नगर निगम को अस्पताल की इमारत की वॉटर प्रूफिंग के लिये बारिश से पहले ही लिख दिया था। लेकिन टेंडर प्रक्रिया में विलम्ब के कारण यह काम देर से शुरू हो सका और भारी बारिश के कारण अस्पताल में पानी भर गया। बिंदल ने बताया कि एमवायएच के प्रभावित वॉर्डों से बारिश का पानी निकालने के प्रयास जारी हैं।

(नोट- यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)