संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और देशभर में प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ दलित नेता प्रकाश आम्बेडकर की पार्टी द्वारा आहूत 'महाराष्ट्र बंद' के मद्देनजर राज्य के कई हिस्सों में पथराव की घटनाएं सामने आयी हैं और इस दौरान सार्वजनिक परिवहन सेवाएं एवं जनजीवन पर खास असर नहीं पड़ा। 

मुंबई/सोलापुर/पुणे. संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और देशभर में प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ दलित नेता प्रकाश आम्बेडकर की पार्टी द्वारा शुक्रवार को आहूत 'महाराष्ट्र बंद' के मद्देनजर राज्य के कई हिस्सों में पथराव की घटनाएं सामने आयी हैं और इस दौरान सार्वजनिक परिवहन सेवाएं एवं जनजीवन पर खास असर नहीं पड़ा। राज्य भर में बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ और देश की आर्थिक स्थिति को लेकर राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।

शहर में बंद का कोई खास असर नहीं

मुंबई में यातायात बाधित करने की कुछ घटनाओं और पथराव की छिट-पुट घटनाओं को छोड़कर शहर में बंद का कोई खास असर नहीं देखने को मिला। आंबेडकर ने दावा किया कि गुरुवार रात के बाद से अब तक मुंबई में वीबीए के करीब 150 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।

एक अधिकारी ने बताया कि उपनगर चेम्बुर में स्वस्तिक पार्क के निकट अज्ञात लोगों ने एक 'बेस्ट' बस पर पथराव किया और ठाणे के तीन हाथ नाका पर बड़ी संख्या में वीबीए समर्थक एकत्र हुए।

बिजली आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) के एक प्रवक्ता ने बताया 

बृहन्मुंबई बिजली आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह हादसा सुबह करीब 9.15 बजे हुआ जब कुछ अज्ञात लोगों ने मार्ग संख्या 362 पर कुर्ला स्टेशन की ओर जाने वाली बस पर पथराव किया। उन्होंने बताया कि बस का चालक विलास दभाड़े इसमें घायल हो गया और उसे उपनगरीय गोवंडी के शताब्दी अस्पताल में ले जाया गया। बस के किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ।

एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने कई वीबीए कार्यकर्ताओं को उस समय हिरासत में ले लिया जब घाटकोपर में ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर उन्होंने कुछ वाहनों को रोकने की कोशिश की।

वित्तीय राजधानी मुंबई में मध्य एवं पश्चिमी रेलवे दोनों की उपनगरीय और बाहरी ट्रेन सेवाएं, मेट्रो, मोनोरेल सेवाएं, टैक्सी और ऑटो-रिक्शा की सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं।


एक अधिकारी ने कहा रेलवे स्टेशनों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था 

रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि सभी रेलवे स्टेशनों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और अब तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। अधिकारी ने बातया कि कुर्ला, सायन-ट्रॉम्बे रोड, बाइकला, दादर, वडाला और अंधेरी जैसे इलाकों में बंद का आशिंक असर देखा गया।

पुलिस ने बताया कि सोलापुर और औरंगाबाद जिलों में नगरीय बसों पर पथराव की घटनाएं सामने आयी हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि सोलापुर में दो अज्ञात लोगों ने बुधवार पेठ के पास एक बस पर पथराव किया, जिससे उसके शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।

फौजदार चावड़ी पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा

फौजदार चावड़ी पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, ''दो अज्ञात लोगों ने सुबह करीब नौ बजे एक सिटी बस पर पथराव किया, जिससे बस के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।" पुलिस ने बताया कि औरंगाबाद शहर में एक बस पर पथराव किया गया, जिसमें खिड़की के शीशे चकनाचूर हो गए।

उन्होंने बताया कि बंद को पुणे और अहमदनगर जिलों में बहुत ही खराब प्रतिक्रिया मिली। वहां सार्वजनिक परिवहन अप्रभावित रहा, जबकि व्यावसायिक प्रतिष्ठान और स्कूल खुले रहे।

अधिकारियों ने बताया कि 20 से 24 लोगों के एक समूह ने पुणे के सिंहगढ़ रोड पर दांडेकर पुल के पास एक सड़क को अवरुद्ध करने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही उन्हें तितर-बितर कर दिया गया।

यातायात विभाग के प्रमुख अनंत वाघमारे ने कहा

पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड के यातायात विभाग के प्रमुख अनंत वाघमारे ने कहा, ''हमारी सभी सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं और किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है।'' संयुक्त पुलिस आयुक्त रवींद्र शिसेव ने कहा कि पुणे में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

इस बीच, आंबेडकर ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था खराब स्थिति में है।

उन्होंने कहा, ''मेरे हिसाब से हम विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से लोगों को जो बताना चाहते थे, हमने बता दी है। जब कोई परिवार वित्तीय संकट से गुजरता है, तो उस परिवार के लोगों को शर्मिंदगी महसूस होती है।''

प्रकाश आंबेडकर ने कहा

आंबेडकर ने कहा, ''महाराष्ट्र में कल रात से ही हमारे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। मेरे पास सटीक आंकड़े नहीं हैं, लेकिन मुंबई में सुबह तक लगभग 150 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा चुका है। मैंने बार-बार कहा है कि कोई हिंसा नहीं होगी।''

प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्त्व वाली पार्टी वीबीए ने दावा किया है कि मजदूर संघों के अलावा 50 से अधिक राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया है। आम्बेडकर ने कहा कि कई गैर सरकारी संगठन और नागरिक समूहों ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं लेकिन किसी राजनीतिक दल ने अब तक ऐसा नहीं किया है। इसलिए वे प्रदर्शन कर रहे है।

अधिकारी ने बताया कि बंद के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्यभर में पुलिस ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं।

(ये खबर न्यूज एजेंसी पीटीआई/भाषा की है। एशियानेट न्यूज हिन्दी ने सिर्फ हेडिंग में बदलाव किया है।)