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Wankhede Vs Malik: नवाब मलिक को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका, वानखेड़े फैमिली के खिलाफ नहीं कर सकेंगे बयानबाजी

मुंबई (Mumbai) में एनसीबी (NCB) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े (Sameer wankhede) के पिता को बॉम्बे हाईकोर्ट (bombay high court) से गुरुवार को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी याचिका पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी (NCP) नेता नवाब मलिक (Nawab Malik) और उनके परिवार को निर्देश दिया है कि अब वे वानखेड़े फैमिली के खिलाफ कुछ भी पब्लिश नहीं कर पाएंगे। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि सीधे तौर पर या फिर इशारों में भी परिवार के खिलाफ बयानबाजी नहीं की जाएगी।

Bombay High Court ban Nawab Malik from publishing statements and statements against Sameer Wankhede and his family UDT
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Mumbai, First Published Nov 25, 2021, 1:39 PM IST
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मुंबई। आर्यन खान ड्रग केस मामले (Aryan khan drugs case) में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) पिछले कुछ दिनों से लगातार एनसीबी (NCB) मुंबई के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े (Sameer wankhede) के खिलाफ मोर्चा खोले हैं। वे हर रोज नए-नए आरोपों के साथ समीर और उनकी फैमिली पर आरोप लगाकर सवाल खड़े कर रहे हैं। शुरुआत में वानखेड़े परिवार ने मीडिया के सामने आकर जवाब दिए। इसके बाद कोर्ट में मलिक के खिलाफ मानहानि समेत अन्य केस दर्ज कराए। समीर वानखेड़े के पिता को बॉम्बे हाईकोर्ट (bombay high court) से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी याचिका पर नवाब मलिक और उनके परिवार को निर्देश दिया है कि अब वे वानखेड़े फैमिली के खिलाफ कुछ भी पब्लिश नहीं कर पाएंगे। स्पष्ट कहा है कि सीधे तौर पर या फिर इशारों में भी परिवार के खिलाफ बयानबाजी नहीं की जाएगी। अब मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी।

दरअसल, समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव वानखेड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि नवाब मलिक की तरफ से उन पर और उनके परिवार के खिलाफ बेवजह बयानबाजी ना की जाए। उन्होंने इस पर रोक लगाने की अपील की थी। अब उसी मामले में कोर्ट की तरफ से नवाब मलिक को झटका दिया गया है। अब वे समीर वानखेड़े और उनके परिवार के खिलाफ किसी भी तरह की बयानबाजी नहीं कर पाएंगे। सुनवाई के दौरान नवाब मलिक और वानखेड़े के वकील के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी। कोर्ट में इस बात पर भी बहस हुई कि नवाब मलिक लगातार समीर वानखेड़े की बहन को लेडी डॉन कहकर संबोधित कर रहे हैं। 

जस्टिस बोले- क्या आपको ये सब शोभा देता है?
मलिक के वकील ने कहा कि फ्लेचर पटेल नाम के शख्स ने ऐसा बोला था और उनके क्लाइंट ने सिर्फ उसे शेयर किया, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को खारिज का दिया और स्पष्ट कहा कि जब तक मामले की सुनवाई हो रही है, ऐसी बयानबाजी और आरोप नहीं लगाए जाएंगे। जस्टिस कथावाला ने सीधे नवाब मलिक के वकील से पूछा भी कि उनके क्लाइंट ऐसी बयानबाजी करना बंद करेंगे? इस पर जवाब दिया गया कि 9 दिसंबर तक नवाब मलिक अब वानखेड़े और उनके परिवार के खिलाफ कोई पोस्ट शेयर नहीं करेंगे। कोर्ट की तरफ से ये भी कहा गया कि ऐसी बयानबाजी उन्हें शोभा नहीं देती। सुनवाई के दौरान जस्टिस जाधव ने कहा कि नवाब मलिक VIP हैं, इसलिए उन्हें इतने आसानी से सभी डॉक्यूमेंट मिल जाते हैं। इसी बात को आगे बढ़ाते हुए जस्टिस कथावाला ने भी कहा कि वे एक मंत्री हैं और उन्हें ये सब क्या शोभा देता है? 

कोर्ट ने पूछा- क्या आप मीडिया ट्रायल चाहते हैं?
सुनवाई के दौरान जस्टिस कथावाला को कहना पड़ा कि क्या नवाब मलिक को सिर्फ मीडिया ट्रायल चाहिए। दरअसल, ये बात इसलिए कही गई क्योंकि नवाब मलिक लगातार सोशल मीडिया के जरिए वानखेड़े परिवार पर आरोप लगा रहे थे। इस पर कोर्ट ने सवाल पूछा कि क्या मलिक द्वारा कभी कास्ट स्क्रूटिनी कमेटी में शिकायत की गई। जस्टिस कथावाला ने कहा कि मलिक ने ऐसा एक बार भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि नवाब मलिक वानखेड़े के खिलाफ मीडिया ट्रायल चाहते हैं। 

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