शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने कहा कि भाजपा के पास 120 विधायकों का समर्थन है। इसके बाद भी एक शिव सैनिक को सीएम बनाने का फैसला लिया गया। देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने बड़ा दिल दिखाया है। 

मुंबई। भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा की तो मौके पर मौजूद लोग चौंक गए। किसी को उम्मीद नहीं थी कि ऐसी घोषणा हो सकती है। एकनाथ शिंदे ने सीएम पद देने के लिए देवेंद्र फडणवीस को धन्यवाद दिया। 

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शिंदे ने कहा, 'देवेंद्र फडणवीस संख्या बल के हिसाब से खुद मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन उन्होंने बड़ा दिल दिखाया है। हमने किसी पद की लालच में पार्टी से विरोध नहीं किया था। हमारा विरोध विचारधारा और बाल ठाकरे के हिंदुत्व के लिए था। फडणवीस ने मुझे बताया कि वह बाल ठाकरे के शिवसैनिकों का समर्थन कर रहे हैं। भाजपा के पास 120 विधायकों का समर्थन है। इसके बाद भी उन्होंने एक शिव सैनिक को सीएम बनाने का फैसला किया है। यह बड़ी बात है।'

नहीं करूंगा विश्वासघात
शिंदे ने कहा, 'फडणवीस ने मुझ पर जो विश्वास जताया है मैं उसके साथ विश्वासघात नहीं करूंगा।' उन्होंने "बाल ठाकरे के शिवसैनिकों" पर भरोसा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने दावा किया कि हम लोग शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व के विचार और शिवसेना के वरिष्ठ नेता आनंद दिघे की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

हमारी बात नहीं सुनी गई
शिंदे ने दोहराया कि उन्हें सत्ता या पद की कोई लालसा नहीं है। उनके साथ के 50 विधायक केवल विचारधारा और अपने निर्वाचन क्षेत्रों में 
विकास के लिए चिंतित थे। महा विकास अघाड़ी सरकार में उनके क्षेत्रों में काम नहीं हो रहा था। बागी विधायकों ने बार-बार अनुरोध किया कि शिवसेना को सही कदम उठाना चाहिए और स्वाभाविक सहयोगी भाजपा के साथ वापस आना चाहिए, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

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शिवसेना 39 विधायकों ने किया था बगावत
बता दें कि शिवसेना के 55 में से 39 विधायकों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बगावत कर दिया था। बागी विधायक पहले सूरत फिर गुवाहाटी चले गए थे। एकनाथ शिंदे ने अपने साथ 50 विधायकों के समर्थन का दावा किया था। राज्यपाल ने उद्धव ठाकरे को 30 जुलाई शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया था। शिवसेना इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई थी, लेकिन कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट रोकने से इनकार कर दिया था। इसके बाद बुधवार रात को उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा दे दिया था। 

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