एक कामवाली बाई की कोशिश के चलते 9 साल से अधिक समय तक परिवार से बिछड़ी लड़की अपने माता-पिता से मिल सकी। बच्ची को अगवा कर लिया गया था। वह अब 16 साल की हो गई है।

मुंबई। 9 साल से अधिक समय तक परिवार से बिछड़ी लड़की एक कामवाली बाई की कोशिश के चलते अपने माता-पिता से मिल सकी। घटना मुंबई की है। लड़की जब छोटी बच्ची थी तभी उसे अगवा कर लिया गया था। 16 साल की होने पर वह अपने परिजनों से फिर से मिल पाई है। 

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पूजा गौड़ नाम की लड़की को मुंबई में रहने वाले एक दम्पति ने अगवा कर लिया था। 22 जनवरी 2013 को वह लापता हुई थी। परिजनों ने पुलिस को बेटी के गायब होने की सूचना दी। पुलिस ने भी बच्ची की तलाशी के लिए अभियान चलाया, लेकिन वह नहीं मिली। एक कामवाली बाई की मदद से शुक्रवार को वह अपने परिवार से मिल सकी। अगवा करने वाले दम्पति ने लड़की को जहां रखा उसी इलाके में उसका परिवार भी रहता है, इसके बाद भी 9 साल तक परिजनों को बेटी के बारे में पता नहीं चला था। 

स्कूल जाते समय हो गई थी अगवा
पुलिस अधिकारी के अनुसार पूजा अपने बड़े भाई के साथ पढ़ने के लिए सरकारी स्कूल जा रही थी। उसका बड़ा भाई आगे चल रहा था और पूजा पीछे। कुछ देर बाद भाई ने पीछे मुड़कर देखा तो पूजा नहीं थी। वह स्कूल गया और क्लास में बहन की तलाश की, लेकिन टीचर ने कहा कि वह अभी तक स्कूल नहीं आई है। इसके बाद बच्चे ने परिजनों को घटना की जानकारी दी थी। 

घर के लोगों ने पूजा की तलाश की। काफी कोशिश के बाद भी वह नहीं मिली तो परिजन डीएन नगर थाना गए और रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने पूजा की तलाश के लिए अभियान चलाया। आसपास के इलाके में पोस्टर लगाए गए। पुलिस ने स्कूल यूनिफॉर्म पहनी पूजा की तस्वीरें बांटी, लेकिन वह नहीं मिली। उस समय पूजा क्लास 4 में पढ़ती थी। उस समय डीएन नगर थाने के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर राजेंद्र भोसले (अब रिटायर) के पास लापता लोगों के तलाश की जिम्मेदारी थी। उन्होंने बच्ची की तलाश को अपने जीवन का मिशन बना लिया था, लेकिन पूजा नहीं मिली। वह अब भी पूजा की फोटो जेब में लेकर इलाके में घूमते थे ताकि उसकी तलाश की जा सके। 

कामवाली बाई ने किया बड़ा काम
35 साल की प्रमिला देवेंद्र ने पूजा को उसके परिवार से मिलाने में बड़ा रोल निभाया। वह कामवाली बाई के रूप में काम करती है। वह उपनगर जुहू में काम करने जाती है। पिछले कुछ महीने से पूजा ने भी उसी इलाके में कामवाली बाई के रूप में काम शुरू किया था। इसी दौरान पूजा प्रमिला के संपर्क में आई। बातचीत के दौरान पूजा ने प्रमिला को बताया कि उसके घर के लोग उसे प्रताड़ित करते हैं। वे उसके असली माता-पिता नहीं हैं। उसे अगवा कर लाया गया था। इसके बाद प्रमिला ने इंटरनेट पर पूजा के लापता होने संबंधी खबर की तलाश की। इसी दौरान उसे पूजा के गायब होने की खबर मिली। प्रमिला ने डीएन नगर थाने की पुलिस को पूजा के बारे में सूचना दी।

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पुलिस ने अगवा करने वाले दम्पति को गिरफ्तार किया
डीएन नगर थाने के वरिष्ठ निरीक्षक मिलिंद खुर्दे ने कहा कि पूजा के बारे में खबर मिलने के बाद हमने जांच की। हमने पाया कि प्रमिला ने जिस लड़की के बारे में बताया है वह वही बच्ची है जो 9 साल पहले लापता हुई थी। इसके बाद पुलिस ने हैरी डिसूजा और उनकी पत्नी को पकड़ा। इनके साथ पूजा पिछले नौ साल से रह रही थी। मिलिंद खुर्दे ने कहा कि पूछताछ के दौरान दंपति ने बताया कि उन्होंने पूजा का अपहरण कर लिया था। दंपति को कोई बच्चा नहीं था। अपहरण के बाद बच्ची को कुछ समय के लिए कर्नाटक भेज दिया गया था। इसके बाद उसे वापस मुंबई लाया गया। 

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डीएन नगर पुलिस ने डिसूजा और उनकी पत्नी सोनी के खिलाफ धारा 363 (अपहरण), 365 (अपहरण का इरादा), 368 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 370 (तस्करी) और भारतीय दंड संहिता की धारा 374 (गैरकानूनी रूप से श्रम के लिए किसी व्यक्ति को बाध्य करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की। डिसूजा को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया और 10 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।